प्रधानमंत्री मोदी दिव्यांगों को सम्मानजनक जीवन यापन को लेकर लगातर दिव्यांगों के लिए नई योजनाओं की शुरुआत की है। लेकिन केंद्र प्रदेश की योजनाओं को लाभार्थियों तक पहुंचने में जिम्मेदार मशीनरी रुचि नहीं ले रही जिसके चलते सरकार की लाभप्रद योजनाओं का लाभ पत्रों को मिल नहीं पा रहा है इसकी झलक रायबरेली के विकास भवन में देखने को मिली जहां पर महाराजगंज तहसील के बिशनपुर गांव से एक दिव्यांग महिला ज्ञानवती किसी तरह से बस से अपने दिव्यांग पति के साथ दिव्यांग कार्यालय पहुंची महिला 80% विकलांग है फिर भी उसे बैटरी चलित ट्राईसाईकिल नहीं मिली और तो और उसकी और उसके पति की पेंशन रुकी हुई है पैरों से चलने से लाचार महिला किसी तरीके से विकास भवन पहुंची जहां पर उसने अपनी आपबीती बताई कार्यालय पहुंचने पर उससे यह पता चला कि केवाईसी और डीबीटी ना होने के चलते उसकी पेंशन रुकी हुई है और यह पेंशन में महीने से नहीं मिल रही जिसके चलते जीवन यापन में परेशानी हो रही है अगर उसे इलेक्ट्रिक ट्राई साइकिल मिल जाती तो उसे आने-जाने की समस्या से थोड़ी राहत मिल जाती लेकिन वह कई बार कार्यालय आई लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ वहीं जब दिव्यांग महिला का बयान लेते समय कनिष्ठ सहायक ने देखा तो तुरंत महिला के पास जाकर उस कागज लेना शुरू कर दिया और कहा कि जल्द ही आपका पेंशन आ जाएगी बैटरी संचालित ट्राई साइकिल को भी वादा किया
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रायबरेली : विकलांग पति पत्नी को नहीं मिल रहा पेंशन
प्रधानमंत्री मोदी दिव्यांगों को सम्मानजनक जीवन यापन को लेकर लगातर दिव्यांगों के लिए नई योजनाओं की शुरुआत की है। लेकिन केंद्र प्रदेश की योजनाओं को लाभार्थियों तक पहुंचने में जिम्मेदार मशीनरी रुचि नहीं ले रही जिसके चलते सरकार की लाभप्रद योजनाओं का लाभ पत्रों को मिल नहीं पा रहा है इसकी झलक रायबरेली के
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