Monday, 14 September 2026 | 8:45 PM
India

पंजाब : धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी का मामला, सरकार ने बुलाया विशेष सत्र, सख्त सजा की तैयारी

पंजाब में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को लेकर सियासत तेज हो गई है. आम आदमी पार्टी सरकार ने 13 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है, जिसमें गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वालों के खिलाफ सख्त कानून लाने की तैयारी है. सरकार का कहना है कि इस मुद्दे पर लंबे समय से सख्ती की मांग हो रही थी, जिसे अब का
Share:
पंजाब : धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी का मामला, सरकार ने बुलाया विशेष सत्र, सख्त सजा की तैयारी
Read in your preferred language.

पंजाब में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को लेकर सियासत तेज हो गई है. आम आदमी पार्टी सरकार ने 13 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है, जिसमें गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वालों के खिलाफ सख्त कानून लाने की तैयारी है. सरकार का कहना है कि इस मुद्दे पर लंबे समय से सख्ती की मांग हो रही थी, जिसे अब कानून के जरिए लागू किया जाएगा.

सरकार दरअसल 2008 में बने जगत गुरु गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2008 में संशोधन करने जा रही है. मौजूदा कानून में सिर्फ छपाई और रख-रखाव से जुड़े नियम हैं और उल्लंघन पर अधिकतम दो साल की सजा या 50 हजार रुपये तक का जुर्माना तय है.

अब सरकार इसमें बदलाव कर बेअदबी को लेकर सख्त सजा का प्रावधान जोड़ना चाहती है. माना जा रहा है कि नए संशोधन के बाद सजा काफी कड़ी हो सकती है, जिससे ऐसे मामलों पर लगाम लगे.

इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने अलग ही मांग रख दी है. पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर कहा है कि सिर्फ गुरु ग्रंथ साहिब ही नहीं, बल्कि बाकी धर्मों के धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी पर भी कानून बनना चाहिए. उन्होंने यह भी मांग की है कि जो संशोधन बिल लाया जा रहा है, उसका ड्राफ्ट पहले सभी विधायकों को दिया जाए ताकि उस पर सही तरीके से चर्चा हो सके.

बीजेपी ने 14 जुलाई 2025 को पेश किए गए पंजाब पवित्र ग्रंथों के खिलाफ अपराध की रोकथाम बिल का भी मुद्दा उठाया है. यह बिल सेलेक्ट कमेटी को भेजा गया था, जिसे 6 महीने में रिपोर्ट देनी थी.

अब बीजेपी का कहना है कि तय समय सीमा खत्म हो चुकी है, लेकिन अभी तक यह साफ नहीं है कि कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंपी है या नहीं. इसे लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं.

बीजेपी नेता तरुण चुग ने कहा है कि गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी को कत्ल के बराबर अपराध माना जाना चाहिए और उसी हिसाब से सजा दी जानी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि नए कानून में प्राण प्रतिष्ठित मूर्तियों और अन्य धर्मों के ग्रंथों की बेअदबी को भी शामिल किया जाना चाहिए. केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि सभी धर्मों के ग्रंथ बराबर हैं और उनके अपमान पर समान सजा होनी चाहिए.