Monday, 14 September 2026 | 6:24 PM
UP News

प्रयागराज: मधुमक्खी पालन अनुपूरक कृषि उद्यम के रूप में महत्वपूर्ण स्थान रखता है

मधुमक्खियाँ प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से किसानों के दैनिक जीवन से लेकर उनकी आर्थिक आय बढ़ोत्तरी में सहायक है। मधुमक्खियों से शहद उत्पादन के साथ-साथ फसलों में पर-परागण से पौधों की जीवितता एवं उत्पादन में वृद्धि होती है तथा पर्यावरण संतुलन में भी इनका महत्वपूर्ण योगदान है। किसानों की आय में वृद्धि क
Share:
प्रयागराज: मधुमक्खी पालन अनुपूरक कृषि उद्यम के रूप में महत्वपूर्ण स्थान रखता है
Read in your preferred language.

मधुमक्खियाँ प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से किसानों के दैनिक जीवन से लेकर उनकी आर्थिक आय बढ़ोत्तरी में सहायक है। मधुमक्खियों से शहद उत्पादन के साथ-साथ फसलों में पर-परागण से पौधों की जीवितता एवं उत्पादन में वृद्धि होती है तथा पर्यावरण संतुलन में भी इनका महत्वपूर्ण योगदान है। किसानों की आय में वृद्धि के लिए कृषि के साथ-साथ अन्य ऐसे अनुपूरक व्यवसाय अपनाये जाने की आवश्यकता है, जिसमें कम भूमि एवं कम पंूजी की जरूरत हो। मधुमक्खी पालन को अनुपूरक कृषि उद्यम के रूप में अपनाकर कम पूंजी व कम समय में अधिक आय प्राप्त की जा सकती है। मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित/बढ़ावा देने के उद्देश्य से वैज्ञानिक ढंग से मौनपालन किये जाने हेतु अधीक्षक, राजकीय उद्यान, प्रयागराज में दिनांक 16 सितम्बर, 2025 से 15 दिसम्बर, 2025 तक तीन माह (90 दिवसीय) के प्रशिक्षण सत्र का आरम्भ हो रहा है। यह प्रशिक्षण विभाग द्वारा निःशुल्क प्रदान किया जायेगा, प्रशिक्षण में भाग लेने वाले प्रशिक्षणार्थियों को ठहरने एवं खाने आदि की व्यवस्था स्वयं करनी होगी।
इस प्रशिक्षण में पुरूष एवं महिलायें सभी वर्ग के अभ्यर्थी प्रतिभाग कर सकते है, इसके लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता कक्षा आठ उत्तीर्ण होना आवश्यक है। मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण में भाग लेने वाले इच्छुक लोग अधीक्षक, राजकीय उद्यान, प्रयागराज से सम्पर्क कर निर्धारित रूप पत्र दिनांक 16.09.2025 तक आवेदन कर मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते है। आवेदन-पत्र के साथ दो सभ्रांत व्यक्तियों या राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रदत्त चरित्र प्रमाण-पत्र आवश्यक है।

द दस्तक 24
प्रभारी पत्रकार तहसील कोरांव प्रयागराज उमाशंकर कुशवाहा 7571974858