Monday, 14 September 2026 | 10:06 PM
India

पीलीभीत : प्रदेश सरकार ने संचालित प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम के तहत अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों को मूलभूत सुविधाओं से किया आच्छादित

पीलीभीत : किसी भी क्षेत्र, समुदाय के विकास के लिए उस क्षेत्र की बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति होना जरूरी होता है। मूलभूत सुविधायें सड़क, पेयजल, शिक्षण संस्थान, गरीबों के विकास की कल्याणकारी योजनायें, चिकित्सीय सुविधायें, रोजगार के साधन,नाली, ड्रेनेज सिस्टम आदि के निर्माण व्यवस्था करने से उस क्षेत्र,
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पीलीभीत : किसी भी क्षेत्र, समुदाय के विकास के लिए उस क्षेत्र की बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति होना जरूरी होता है। मूलभूत सुविधायें सड़क, पेयजल, शिक्षण संस्थान, गरीबों के विकास की कल्याणकारी योजनायें, चिकित्सीय सुविधायें, रोजगार के साधन,नाली, ड्रेनेज सिस्टम आदि के निर्माण व्यवस्था करने से उस क्षेत्र, समुदाय का सर्वांगीण विकास हो जाता है। प्रदेश में अल्पसंख्यकों के विकास के लिए प्रदेश सरकार ने इसी तरह की बुनियादी सुविधायें आवश्यक निर्माण/योजनाओं का क्रियान्वयन कर उनका विकास किया है।
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पी0एम0जे0वी0के0) के अन्तर्गत शिक्षण सुविधाओं के सृजन के उद्देश्य से अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में 47 इटर कालेजों का निर्माण कार्य पूर्ण कराया गया है। इनमें से सभी इण्टर कालेजों में फर्नीचर इत्यादि की व्यवस्था हेतु भारत सरकार से धनराशि भी प्राप्त हो चुकी है। जिसकी व्यवस्था कर शिक्षण कार्य आरम्भ कर दिया गया है। इस प्रकार वर्तमान में सरकार द्वारा परियोजनाओं को केवल पूर्ण कराना ही लक्ष्य नहीं अपितु उसे जनहित में सुचारू रूप से संचालित किये जाने पर बल दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम के अन्तर्गत कौशल विकास हेतु 13 नवीन आई0टी0आई0 भवनों का निर्माण पूर्ण कराया गया तथा उक्त के अतिरिक्त 12 आई0टी0आई0 का संचालन भी प्रारम्भ कर दिया गया है। इन प्राविधिक शिक्षण संस्थानों में क्षेत्रीय युवक/युवतियाँ शिक्षा प्राप्त कर रोजगार से लग रहे हैं। प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम के अन्तर्गत 64 पेयजल परियोजनाओं की स्थापना कर अल्पसंख्य बाहुल्य क्षेत्रों में पेयजल सुविधाओं का सृजन किया गया। प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम के अन्तर्गत माह मार्च, 2017 से अबतक रू0 2014 करोड़ की नवीन परियोजनाएं स्वीकृत करायी गयी।
प्रदेश में वर्तमान सरकार द्वारा अब तक 03 राजकीय पालिटेक्निक, 52 राजकीय इण्टर कालेज, 09 जूनियर हाईस्कूल, 20 अपर प्राइमरी स्कूल, 136 प्राइमरी स्कूल, 18 राजकीय आई0टी0आई0, 01 राजकीय नर्सिंग कालेज, 09 राजकीय डिग्री कालेज, 2433 स्मार्ट क्लास, 02 इण्टर कालेज में परीक्षा हॉल, 09 छात्रावास, 31 सद्भाव मण्डप, 160 आंगनबाड़ी केन्द्र, 02 वर्किंग वूमन हॉस्टल, 01 माकेर्टिग शेड, 03 साइंस लैब, 187 पाइय पेयजल योजना, 747 पोर्टबल वॉटर सप्लाई, 01 सीवर योजना, 47 टायलेट ब्लॉक, 27 कामन सर्विस सेण्टर एवं 01 यूनानी मेडिकल कालेज सहित कुल लगभग 3400 नई इकाईयों की स्थापना की जा चुकी है। गतवर्ष रू0 1549 करोड़ की नवीन परियोजनाओं के प्रस्ताव भारत सरकार को उपलब्ध कराये गये थे। वर्तमान वर्ष में रू0 898 करोड़ की नवीन परियोजनाओं के प्रस्ताव भारत सरकार को उपलब्ध कराये जा रहे हैं। जिससे विकास को और गति मिले।