Monday, 14 September 2026 | 6:22 PM
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पीलीभीत:कोटे के चयन को लेकर तहसील प्रशासन और ग्रामीण आपस में भिड़े

पूरनपुर। कोटे की चयन प्रक्रिया को लेकर जेठापुर में विवाद हो गया। आरोप है कि तहसीलदार और लेखपाल ने ग्रामीण की दादी की पिटाई लगा दी।इससे खफा लोगों ने जमकर हंगामा काटा। सूचना पर किसान यूनियन ने भी विरोध प्रदर्शन कर लेखपाल को हटाने की मांग की। आश्वासन के बाद बमुश्किल लोग शांत हुए।लंबी वार्ता के बाद दोनो
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पीलीभीत:कोटे के चयन को लेकर तहसील प्रशासन और ग्रामीण आपस में भिड़े
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पूरनपुर। कोटे की चयन प्रक्रिया को लेकर जेठापुर में विवाद हो गया। आरोप है कि तहसीलदार और लेखपाल ने ग्रामीण की दादी की पिटाई लगा दी।इससे खफा लोगों ने जमकर हंगामा काटा। सूचना पर किसान यूनियन ने भी विरोध प्रदर्शन कर लेखपाल को हटाने की मांग की। आश्वासन के बाद बमुश्किल लोग शांत हुए।लंबी वार्ता के बाद दोनों पक्षों का समझौता करा दिया गया।
सोमवार को कोतवाली क्षेत्र के गांव जेठापुर में कोटे को लेकर चयन प्रक्रिया होना थी।इस दौरान कोटा लेने के लिए गांव के पांच लोगों ने आवेदन किया।जिसमें तीन लोगों के आवेदन निरस्त हो गए।आवेदन के लिए दो लोग ही बचे।गांव में तहसीलदार ध्रुव नारायण यादव, लेखपाल ग्राम पंचायत अधिकारी टीम के साथ पहुंचे।आरोप है इस दौरान गांव के ही रहने वाले जयप्रकाश और तहसीलदार में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। जिसके बाद ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन पर महिलाओं और ग्रामीणों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। इस दौरान जयप्रकाश और उसकी दादी ने मारपीट का आरोप लगाया है।इस दौरान पूरनपुर तहसीलदार ध्रुव नारायण यादव का आरोप है कि लेखपाल के साथ गाली गलौज की गई हंगामा बढ़ता देख तहसीलदार वापस आ रहे थे।इस दौरान तहसीलदार की गाड़ी का घेराव कर गाड़ी में बैठे लेखपाल राहुल को गाड़ी से खींचकर ग्रामीणों ने पिटाई कर दी। बीच बचाव में आए गार्ड की भी पिटाई लगाने का आरोप है।मामले को लेकर ग्रामीणों ने तहसील परिसर में पहुंचकर घेराव किया। इस दौरान तहसील छोड़ अधिकारी फरार हो गए। सूचना पाकर भारतीय किसान यूनियन के दर्जनों कार्यकर्ता भी तहसील पहुंचे विरोध प्रदर्शन करते हुए उन्होंने लेखपाल पर कार्रवाई करने की मांग की।सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। लेखपाल के हटाए जाने के आश्वासन के बाद बमुश्किल लोग शांत हुए। मारपीट का मामला कोतवाली पहुंचा पटना पहुंच गए लंबी वार्ता के बाद दोनों में समझौता करा दिया गया। मैं भारतीय किसान यूनियन का कहना है कि अगर मंगलवार को देर शाम तक लेखपाल को नहीं हटाया गया तो वे तहसील में धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। मामले को लेकर घंटों गहमागहमी बनी रही।