Monday, 14 September 2026 | 10:08 PM
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अफगानिस्तान को गेहूं भेजने के भारत के प्रस्ताव को पाक ने ठुकराया

अफगानिस्तान को गेहूं भेजने के भारत के प्रस्ताव को पाक ने ठुकराया भारत को लेकर पाकिस्तान अपनी हरकतों से कभी बाज नहीं आता अब इसने भारत के एक और प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। दरअसल पाकिस्तान के वाघा सीमा के जरिये भारतीय या अफगान ट्रकों द्वारा 50,000 टन गेहूं अफगानिस्तान भेजने को लेकर भारत की ओर से प्रस
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अफगानिस्तान को गेहूं भेजने के भारत के प्रस्ताव को पाक ने ठुकराया
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अफगानिस्तान को गेहूं भेजने के भारत के प्रस्ताव को पाक ने ठुकराया

भारत को लेकर पाकिस्तान अपनी हरकतों से कभी बाज नहीं आता अब इसने भारत के एक और प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। दरअसल पाकिस्तान के वाघा सीमा के जरिये भारतीय या अफगान ट्रकों द्वारा 50,000 टन गेहूं अफगानिस्तान भेजने को लेकर भारत की ओर से प्रस्ताव दिया गया था जिसे पाकिस्तान ने ठुकरा दिया है।
पाकिस्तान ने भारत के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। मीडिया में आई एक खबर में इसकी जानकारी दी गई है। पाकिस्तान ने भारत को मानवीय उद्देश्यों के लिए अपवाद स्वरूप अपने क्षेत्र से पड़ोसी अफगानिस्तान में गेहूं और जीवनरक्षक दवाएं पहुंचाने की इजाजत देने के अपने फैसले के बारे में पिछले हफ्ते आधिकारिक रूप से बताया था। 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की खबर के मुताबिक, आधिकारिक सूत्रों ने यहां आरोप लगाया कि नई दिल्ली अफगानिस्तान में गेहूं पहुंचाने के लिए अव्यावहारिक विकल्पों का सुझाव दे रही है। भारत ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान को मदद पहुंचाने के तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत चल रही है। भारत ने इस बात पर भी जोर दिया कि मानवीय सहायता पहुंचाने पर किसी प्रकार की शर्त नहीं होनी चाहिए।
नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि मानवीय सहयोग के लिए किसी प्रकार की शर्त नहीं होनी चाहिए। मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान जोर दे रहा है कि अफगानिस्तान भेजे जाने वाले गेहूं और दवाओं की खेप वाघा सीमा से पाकिस्तानी ट्रकों में रवाना की जाए, जबकि भारत अपने ट्रक का इस्तेमाल करना चाह रहा है। अखबार ने पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा कि पाकिस्तानी तौर-तरीकों को शर्तो के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये अफगानिस्तान के लिए भारत की मानवीय सहायता को सुविधाजनक बनाने के लिए हैं।