Monday, 14 September 2026 | 9:25 PM
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एमएस धोनी ने 'कैप्टन कूल' उपनाम के लिए ट्रेडमार्क दायर किया: क्रिकेट के बाद ब्रांड की नई पारी ?

महेंद्र सिंह धोनी ने अपने मशहूर उपनाम 'कैप्टन कूल' के लिए ट्रेडमार्क के लिए आवेदन किया है। यह आवेदन 5 जून 2025 को ट्रेड मार्क्स रजिस्ट्री पोर्टल के जरिए दायर किया गया। न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, धोनी इस उपनाम पर विशेष अधिकार चाहते हैं। यह उपनाम उनकी शांत और संयमित नेतृत्व शैली को दर्शाता है। 'कै
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एमएस धोनी ने 'कैप्टन कूल' उपनाम के लिए ट्रेडमार्क दायर किया: क्रिकेट के बाद ब्रांड की नई पारी ?
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महेंद्र सिंह धोनी ने अपने मशहूर उपनाम 'कैप्टन कूल' के लिए ट्रेडमार्क के लिए आवेदन किया है। यह आवेदन 5 जून 2025 को ट्रेड मार्क्स रजिस्ट्री पोर्टल के जरिए दायर किया गया। न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, धोनी इस उपनाम पर विशेष अधिकार चाहते हैं। यह उपनाम उनकी शांत और संयमित नेतृत्व शैली को दर्शाता है।

'कैप्टन कूल' सिर्फ एक नाम नहीं है। यह धोनी की दबाव में शांत रहने की खासियत को दिखाता है। उन्होंने 2007 में टी20 वर्ल्ड कप, 2011 में वनडे वर्ल्ड कप और 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती। वे एकमात्र कप्तान हैं जिन्होंने तीनों बड़े ICC खिताब जीते। इस उपनाम को अब धोनी खेल प्रशिक्षण, कोचिंग और मनोरंजन सेवाओं के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं।

धोनी की वकील मंसी अग्रवाल ने कहा, “यह ट्रेडमार्क व्यक्तित्व अधिकारों की अहमियत को दर्शाता है।” शुरू में रजिस्ट्री ने ट्रेड मार्क्स एक्ट की धारा 11(1) के तहत आपत्ति जताई थी। उन्हें डर था कि इससे भ्रम हो सकता है। लेकिन धोनी की टीम ने दलील दी कि 'कैप्टन कूल' का लंबे समय से उनके साथ गहरा रिश्ता है। प्रशंसकों और मीडिया ने इसे सालों से इस्तेमाल किया है। रजिस्ट्री ने इसे स्वीकार किया और 16 जून 2025 को ट्रेडमार्क जर्नल में प्रकाशित किया।

यह कदम धोनी के ब्रांड को मजबूत करने की दिशा में है। वे इसका इस्तेमाल माल, कपड़े और कोचिंग अकादमी के लिए कर सकते हैं। इससे पहले एक कंपनी, प्रभा स्किल स्पोर्ट्स, ने भी इस नाम के लिए आवेदन किया था। लेकिन उसका आवेदन 'रेक्टिफिकेशन फाइल्ड' की स्थिति में है। धोनी हाल ही में ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल हुए। वे 11वें भारतीय क्रिकेटर हैं जिन्हें यह सम्मान मिला। IPL 2025 में उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी की, लेकिन टीम प्लेऑफ में नहीं पहुंची। फिर भी, धोनी का प्रभाव क्रिकेट और ब्रांडिंग में बरकरार है।