Monday, 14 September 2026 | 6:16 PM
Lifestyle

पुरुषों में थायरॉइड के संकेत हैं वजन का बढ़ना और एक्रागता में कमी, एक्‍सपर्ट से जानें बचाव और उपचार

थायरॉइड डिसऑर्डर एक आम समस्‍या हैं। वास्तव में, लगभग 12% लोग अपने जीवन के दौरान कुछ बिंदु पर असामान्य थायरॉइड फंक्‍शन का अनुभव करते हैं। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में थायरॉयड विकार विकसित होने की संभावना आठ गुना अधिक होती है। साथ ही, थायरॉइड की समस्याएं उम्र के साथ बढ़ती हैं और बच्चों की तुलना मे
Share:
पुरुषों में थायरॉइड के संकेत हैं वजन का बढ़ना और एक्रागता में कमी, एक्‍सपर्ट से जानें बचाव और उपचार
Read in your preferred language.
थायरॉइड डिसऑर्डर एक आम समस्‍या हैं। वास्तव में, लगभग 12% लोग अपने जीवन के दौरान कुछ बिंदु पर असामान्य थायरॉइड फंक्‍शन का अनुभव करते हैं। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में थायरॉयड विकार विकसित होने की संभावना आठ गुना अधिक होती है। साथ ही, थायरॉइड की समस्याएं उम्र के साथ बढ़ती हैं और बच्चों की तुलना में वयस्कों को अलग तरह से प्रभावित कर सकती हैं। सबसे बुनियादी स्तर पर, थायरॉयड हार्मोन आपके शरीर में ऊर्जा, विकास और चयापचय के समन्वय के लिए जिम्मेदार है। समस्या तब हो सकती है जब इस हार्मोन का स्तर बहुत अधिक या कम हो। जब थायरॉइड ग्रंथि धीमी गति से काम करती है तो इसे हाइपोथायरॉयडिज्‍म कहते हैं, वहीं जब थायरॉइड ग्रैंड ज्‍यादा सक्रिय हो जाता है तो इसे हाइपो-थायरॉइड कहते हैं। हाइपोथायरायडिज्म, या थायरॉइड हार्मोन का निम्न स्तर, आपके मेटाबॉलिज्‍म को धीमा कर देता है और शरीर के कई हिस्सों की वृद्धि या मरम्मत को कम करता है। इसमें थायरॉइड ग्रंथि धीमी गति से काम करने लगती है और शरीर के लिए आवश्यक हार्मोन टी-3, टी-4 का निर्माण नहीं कर पाता, शरीर में टीएसएच का स्तर बढ़ जाता है। इस स्थिति को हाइपोथायराइडिज़्म कहते हैं।

यह पुरुषों को कैसे प्रभावित करता है?

डॉ सतीश कौल ( एचओडी एंड डारेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, नारायणा सुपरस्पेशेलिटी अस्पताल, गुरूग्राम) बताते हैं, कि महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में बहुत कम पाया जाता है, हर 9 महिलाओं के मुकाबले 1 पुरुष में यह देखने को मिलता है। और यह पुरुषों को भी वैसे ही प्रभावित करता है जैसे महिलाओं को करता है उसके अलावा हाथ पैर सुन्न होना, थकान रहना, सेक्स में अरुचि होना, इरेक्शन में समस्या आना आदि हाइपोथायरॉइड के लक्षण हैं।

हाइपोथायराइडिज़्म के कारण और इसे कैसे रोका जाए?

अधिकतर हाइपोथायराइडिज़्म के होने का मूल कारण अनुवांशिक होता है। 30 साल की उम्र के बाद हर साल 10 प्रतिशत महिलाएं इसका शिकार होतीं हैं। और हर अगले 10 वर्ष के साथ इसमें पांच-पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिलती है। रोकने के तरीकों में इसके कोई भी लक्षण नज़र आनें पर तुरंत जांच कराएं और खुद की देखभाल करें।

इसके लक्षण क्या-क्या हैं?

इसके लक्षण हैं:
  • एकाग्रता की कमी
  • सर्दियों में भी पसीना निकलना
  • तेज़ी से वजन बढ़ना
  • अनिद्रा व अनावश्यक थकान
  • बालों का तेज़ी से गिरना
  • चेहरे और शरीर में सूजन
  • कोलेस्ट्रॉल बढ़ना
  • याददाश्त कम रहना आदि
अब हमारी खबरें यूट्यूब चैनल पर भी  देखें । नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें । https://www.youtube.com/channel/UC4xxebvaN1ctk4KYJQVUL8g अब हमारी ख़बरें एप्लीकेशन पर भी उपलब्ध हैं । हमारा एप्लीकेशन गूगल प्ले स्टोर से अभी डाउनलोड करें और खबरें पढ़ें । https://play.google.com/store/apps/details?id=com.dastak24.newsapp&hl=en