Monday, 14 September 2026 | 9:17 PM
India

महाराष्ट्र: मुसलमानों का 5 फीसदी आरक्षण रद्द, बीजेपी ने क्या कहा

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के मुस्लिम समाज को ‘SEBC’ यानी सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग के तहत दिया गया 5 फीसदी आरक्षण रद्द करने का निर्णय लिया है. इस संबंध में शासन निर्णय (GR) जारी होते ही कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार की तीखी आलोचना शुरू कर दी है. बता दें की साल 2014 में तत्कालीन मुख्यम
Share:
महाराष्ट्र: मुसलमानों का 5 फीसदी आरक्षण रद्द, बीजेपी ने क्या कहा
Read in your preferred language.

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के मुस्लिम समाज को ‘SEBC’ यानी सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग के तहत दिया गया 5 फीसदी आरक्षण रद्द करने का निर्णय लिया है. इस संबंध में शासन निर्णय (GR) जारी होते ही कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार की तीखी आलोचना शुरू कर दी है.

बता दें की साल 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के नेतृत्व वाली कांग्रेस-राष्ट्रवादी गठबंधन सरकार ने मराठा समाज को 16 फीसदी और मुस्लिम समाज को 5 फीसदी आरक्षण देने का निर्णय लिया था. मुस्लिम आरक्षण को ‘SEBC’ श्रेणी में शिक्षा और सरकारी या अर्धसरकारी नौकरियों की सीधी भर्ती में लागू करने की घोषणा की गई थी.

उस समय के निर्णय के तहत विशेष मागास प्रवर्ग-अ में 5 फीसदी कोटा तय किया गया, जिससे शिक्षा और रोजगार में मुस्लिम समुदाय को प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद थी.

मुस्लिम आरक्षण के खिलाफ कोर्ट में याचिकाएं दायर की गईं. इसके बाद अदालत ने इस फैसले पर अंतरिम स्थगन (स्टे) दे दिया. बाद में राज्य में सरकार बदल गई और देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री बने. अध्यादेश को कानून का रूप नहीं मिल पाया. अब, अदालत के आदेशों और प्रक्रियात्मक आधार का हवाला देते हुए राज्य सरकार ने मंगलवार को संबंधित शासन निर्णय को औपचारिक रूप से रद्द कर दिया है.

महाराष्ट्र सरकार की ओर से कहा गया है कि 2014 का फैसला पूर्ण कानूनी प्रक्रिया से नहीं गुजर पाया था और कोर्ट से स्थगन के बाद वह प्रभावी रूप से लागू नहीं हो सका. इसलिए पुराने आदेश, परिपत्र और निर्देश निरस्त किए गए हैं.

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार ने जानबूझकर मुस्लिम समुदाय को आरक्षण के लाभ से वंचित रखा.