Monday, 14 September 2026 | 6:23 PM
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पीलीभीत में सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण, शिकायतकर्ता पक्ष से ही निर्माण हटवाने लगे नायब तहसीलदार

पीलीभीत में एक पक्ष के लोगों द्वारा सरकारी जमीन को धार्मिक कार्यक्रमों की जगह बताते हुए निर्माण शुरू कर दिया गया। सूचना मिलने के बाद जब दूसरे समुदाय के लोगों ने पूरे मामले का विरोध जताया तो राजस्व की टीम और पुलिस मौके पर पहुंच गई। मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार ने शिकायतकर्ता पक्ष से ही निर्माण हटवाना
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पीलीभीत में एक पक्ष के लोगों द्वारा सरकारी जमीन को धार्मिक कार्यक्रमों की जगह बताते हुए निर्माण शुरू कर दिया गया। सूचना मिलने के बाद जब दूसरे समुदाय के लोगों ने पूरे मामले का विरोध जताया तो राजस्व की टीम और पुलिस मौके पर पहुंच गई।

मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार ने शिकायतकर्ता पक्ष से ही निर्माण हटवाना शुरू कर दिया तो दूसरे पक्ष ने आपत्ति जताई। घटना के बाद शहर कोतवाल ने मौके पर विवाद बढ़ता देख मोर्चा संभाला और मामले को शांत कराया।

सूचना पुलिस व राजस्व विभाग की टीम को दी
मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चंदोई गांव का बताया जा रहा है। जहां गांव के रहने वाले कुछ लोगों ने एक सरकारी जमीन को धार्मिक कार्यक्रमों की जगह बताते हुए निर्माण कार्य शुरू कर दिया। सोमवार को जैसे ही निर्माण कार्य शुरू किया गया तो दूसरे समुदाय के लोगों ने निर्माण का विरोध जताया।

पूरे मामले की सूचना पुलिस व राजस्व विभाग की टीम को दी। मौके पर दोनों पक्षों के दर्जनों लोग जमा हो गए। सूचना मिलने के बाद शहर कोतवाल नरेश त्यागी व सदर तहसील में तैनात नायब तहसीलदार दुष्यंत प्रताप सिंह मौके पर पहुंच गए।

दूसरे पक्ष के लोगों ने आपत्ति जताई
जांच पड़ताल के बाद सरकारी जमीन पर कराए जा रहे निर्माण कार्य को हटवाने के लिए नायब तहसीलदार ने शिकायतकर्ता पक्ष को ही बुला लिया। जिसके बाद निर्माण करा रहे दूसरे पक्ष के लोगों ने आपत्ति जताई। जिस पर विवाद बढ़ने लगा। मामला बिगड़ता देख शहर कोतवाल नरेश त्यागी ने पहले तो भीड़ को मौके से हटवाया। भीड़ को खदेड़ कर शहर कोतवाल ने शहर से मजदूर बुलाकर निर्माण कार्य को ध्वस्त करा दिया।

शहर कोतवाल और नायब तहसीलदार की हुई बहस
नायब तहसीलदार दुष्यंत प्रताप सिंह ने जब शिकायतकर्ता पक्ष के लोगों को ही निर्माण कार्य हटवाने के लिए बुलवाया तो शहर कोतवाल ने स्थिति को भागते हुए उन्हें ऐसा करने से मना किया। जिसके बाद नायब तहसीलदार भड़क गए। खुद के मजिस्ट्रेट होने का रौब दिखाते हुए मनमानी पर उतर आए। वहीं कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती देख शहर कोतवाल नरेश त्यागी ने मोर्चा संभाल लिया।

निर्माण की सामग्री किस पक्ष से हटाई गई है
खुद ही मजदूर बुलाकर निर्माण कार्य को हटवा दिया। ताकि मौके पर विवाद ना हो। ऐसे में कुछ देर के लिए शहर कोतवाल और नायब तहसीलदार के बीच बहस भी हो गई। मामले पर जब एसडीएम देवेंद्र सिंह से पूरे मामले पर जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया ग्राम समाज की जमीन पर निर्माण की सूचना मिली थी। मौके पर नायब तहसीलदार को भेजा गया था। निर्माण को रुकवा दिया गया है। निर्माण की सामग्री किस पक्ष से हटाई गई है। इसकी मुझे जानकारी नहीं है।