Monday, 14 September 2026 | 9:19 PM
India

जर्मनी की शू कंपनी ने आगरा में दिया , 2000 लोगों को रोजगार

जर्मनी की वॉन वेलक्स कंपनी की दो फुटवियर यूनिट्स ने उत्पादन शुरू कर दिया है। वॉन वेलेक्स द्वारा प्रदेश में विभिन्न चरणों में तीन परियोजनाओं में लगभग 300 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इसमें लगभग 10,000 रोज़गार के अवसर सृजित होंगे। इन परियोजनाओं में कंपनी द्वारा विभिन्न प्रकार के 50 लाख जोड़ी़ जूतो
Share:
जर्मनी की शू कंपनी ने आगरा में दिया , 2000 लोगों को रोजगार
Read in your preferred language.

जर्मनी की वॉन वेलक्स कंपनी की दो फुटवियर यूनिट्स ने उत्पादन शुरू कर दिया है। वॉन वेलेक्स द्वारा प्रदेश में विभिन्न चरणों में तीन परियोजनाओं में लगभग 300 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इसमें लगभग 10,000 रोज़गार के अवसर सृजित होंगे। इन परियोजनाओं में कंपनी द्वारा विभिन्न प्रकार के 50 लाख जोड़ी़ जूतों के वार्षिक उत्पादन होगा।

आगरा में इस कंपनी की दो यूनिट का उद्घाटन सोमवार औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने किया। इन इकाइयों की स्थापना एक्सपोर्ट प्रमोशन इंडस्ट्रियल पार्क आगरा में भारत के इआट्रिक इण्डस्ट्रीज ग्रुप के साथ साझेदारी में की गई है। इन दोनों इकाइयों में कुल 2,000 रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं तथा 25 लाख जोड़ी जूतों की वार्षिक उत्पादन क्षमता है।

आलोक कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व तथा मंत्री सतीश महाना तथा मंत्री, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम सिद्धार्थ नाथ सिंह के दिशा-निर्देशन में राज्य सरकार द्वारा अपनाए गए सक्रिय दृष्टिकोण के कारण यह संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के बाद के कालखण्ड में यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसमें मात्र पांच माह के अल्प समय में निवेश-प्रस्ताव क्रियान्वित होकर उत्पादन भी प्रारम्भ हो गया है।

उद्घाटित इकाइयों के संचालन के शुभारम्भ की घोषणा अध्यक्ष, मेट्रो शूज लिमिटेड-रफीक ए. मलिक तथा जिलाधिकारी आगरा- प्रभु एन सिंह द्वारा की गई। ईआट्रिक इण्डस्ट्रीज़ के सीईओ आशीष जैन ने बताया कि इस परियोजना में विभिन्न प्रकार के 25 लाख जोड़े जूतों का वार्षिक उत्पादन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह जर्मन प्रौद्योगिकी और उत्तर प्रदेश के जनसांख्यिकीय लाभांश के तालमेल का एक अनुपम उदाहरण है।

वान वेलेक्स द्वारा 10,000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में जेवर (यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) में दिसम्बर 2020 तक एक नई उत्पादन इकाई स्थापित किए जाने की सम्भावना है, जबकि कोसी-कोटवान, मथुरा में 7.5 एकड़ में एक और विनिर्माण इकाई प्रस्तावित है।