Monday, 14 September 2026 | 10:09 PM
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गहलोत- पायलट की जंग में रेफरी की भूमिका में आई कांग्रेस हाई कमान

राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट की खुली लड़ाई के चलते प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर मंडराते खतरों को देखते हुए पार्टी हाईकमान ने अब संकट समाधान की कमान अपने हाथ में ले ली है। पायलट की नाराजगी से गंभीर होते सियासत हालात को देखते हुए हाईकमान तीन वरिष्ठ नेताओं रणदीप सुरजेवाला अजय माकन और प्रभारी मह
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गहलोत- पायलट की जंग में रेफरी की भूमिका में आई कांग्रेस हाई कमान
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राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट की खुली लड़ाई के चलते प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर मंडराते खतरों को देखते हुए पार्टी हाईकमान ने अब संकट समाधान की कमान अपने हाथ में ले ली है।

पायलट की नाराजगी से गंभीर होते सियासत हालात को देखते हुए हाईकमान तीन वरिष्ठ नेताओं रणदीप सुरजेवाला अजय माकन और प्रभारी महासचिव अविनाश पांडेय को बतौर पर्यवेक्षक जयपुर भेज दिया है। वहीं विधायकों की खरीद फरोख्त मामले में नोटिस भेजे जाने से नाराज सचिन पायलट ने कांग्रेस नेताओं से बातचीत बंद कर दिया है। अंदरूनी उठापटक से कांग्रेस में बने इस हालात के बीच सचिन पायलट से भाजपा नेताओं के संपर्को की चर्चाओं ने पार्टी नेतृत्व की चिंता और बढ़ा दी है।

वहीं पायलट की नाराजगी से खुद को बेपरवाह दिखाने की कोशिश में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार रात विधायक दल की बैठक बुलाने की घोषणा कर वर्चस्व की इस जंग में अपनी ताकत दिखाने का दांव चला। हालांकि मध्यप्रदेश में कमलनाथ और दिग्विजय के अति आत्मविश्वास से लगे झटके को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व गहलोत के आत्मविश्वास को थामते हुए बैठक को सोमवार सुबह 10.30 बजे तक मुल्तवी करा दिया। ताकि केंद्रीय पार्टी के तीनों केंद्रीय पर्यवेक्षक भी इस संकट पर विधायकों की रायशुमारी में शामिल हो सकें। पार्टी सूत्रों ने बताया कि संकट समाधान का रास्ता निकालने के लिए हाईकमान इस प्रयास में जुटा है कि सचिन पायलट को भी विधायक दल की इस बैठक में शामिल कराया जा सके। विधायक दल की बैठक में पायलट के शामिल होने का मतलब होगा कि राजस्थान कांग्रेस का मौजूदा संकट का तात्कालिक समाधान निकल जाएगा।