Monday, 14 September 2026 | 10:05 PM
India

नई दिल्ली:ऑस्ट्रेलिया–कनाडा–भारत त्रिपक्षीय तकनीकी साझेदारी की घोषणा, G20 जोहान्सबर्ग में हुई ऐतिहासिक बैठक

नई दिल्ली:(द दस्तक 24 न्यूज़) 22 नवंबर 2025 को G20 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए ऑस्ट्रेलिया-कनाडा-इंडिया टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन (ACITI) पार्टनरशिप की घोषणा की। यह घोषणा भारत के प्रधानमंत्री, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एं
Share:
नई दिल्ली:ऑस्ट्रेलिया–कनाडा–भारत त्रिपक्षीय तकनीकी साझेदारी की घोषणा, G20 जोहान्सबर्ग में हुई ऐतिहासिक बैठक
Read in your preferred language.

नई दिल्ली:(द दस्तक 24 न्यूज़) 22 नवंबर 2025 को G20 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए ऑस्ट्रेलिया-कनाडा-इंडिया टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन (ACITI) पार्टनरशिप की घोषणा की। यह घोषणा भारत के प्रधानमंत्री, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की त्रिपक्षीय बैठक के बाद हुई।

इस साझेदारी का उद्देश्य तीनों लोकतांत्रिक देशों के बीच उभरती तकनीकों, साफ ऊर्जा समाधान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वैश्विक सप्लाई चेन के विविधीकरण में सहयोग को नई दिशा देना है। ACITI पहल तीन महाद्वीपों और तीन महासागरों को जोड़ते हुए वैश्विक तकनीकी ढांचे में एक नया अध्याय जोड़ेगी।

प्रधानमंत्रियों के अनुसार, यह नई भागीदारी आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर, सुरक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम भविष्य तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगी। तीनों देशों ने कहा कि वे मिलकर नवाचार को बढ़ावा देंगे, डिजिटल परिवर्तन को गति देंगे और ऐसी तकनीकों पर काम करेंगे जो विश्व अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान करें।

भारत, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा पहले से ही शिक्षा, सुरक्षा, व्यापार और तकनीकी क्षेत्रों में साझेदारी रखते हैं। ACITI पार्टनरशिप इस संबंध को और अधिक मजबूत करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सहयोग क्वांटम, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और AI-आधारित समाधान जैसे क्षेत्रों में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

G20 शिखर सम्मेलन के दौरान की गई यह घोषणा वैश्विक तकनीकी परिदृश्य में भारत की बढ़ती भूमिका तथा लोकतांत्रिक देशों के बीच रणनीतिक एकजुटता को भी मजबूत करती है। तीनों देशों ने इस पहल को “भविष्य की पीढ़ियों के लिए बेहतर सहयोगात्मक तंत्र” बताया है।

यह साझेदारी आने वाले वर्षों में नए अवसरों और वैश्विक तकनीकी प्रगति का मार्ग प्रशस्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।