Monday, 14 September 2026 | 5:38 PM
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फर्रुखाबाद:ऑपरेशन कनविक्शन के तहत दो अभियुक्तों को सजा, पॉक्सो मामलों में प्रभावी पैरवी से मिली सफलता

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 24 अगस्त 2026 पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान एवं “मिशन शक्ति 5.0 द्वितीय चरण” के तहत महिला एवं बाल अपराधों में प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप जनपद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 24 अगस्त 2026 को पॉक्सो से संबंधित दो अलग-अलग मामलों
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फर्रुखाबाद:ऑपरेशन कनविक्शन के तहत दो अभियुक्तों को सजा, पॉक्सो मामलों में प्रभावी पैरवी से मिली सफलता
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 24 अगस्त 2026 पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान एवं “मिशन शक्ति 5.0 द्वितीय चरण” के तहत महिला एवं बाल अपराधों में प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप जनपद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 24 अगस्त 2026 को पॉक्सो से संबंधित दो अलग-अलग मामलों में न्यायालय ने अभियुक्तों को दोषसिद्ध करते हुए कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई।

दुष्कर्म एवं पॉक्सो मामले में 10 वर्ष का कठोर कारावास

कोतवाली फतेहगढ़ में वर्ष 2019 में अभियुक्त दीपक पुत्र हरिशरन निवासी ग्राम महरूपुर सहजू, कोतवाली फतेहगढ़ के विरुद्ध मुकदमा अपराध संख्या 250/2019, वाद संख्या 87/2019, धारा 363, 366, 376 भादवि एवं 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

पुलिस द्वारा विवेचना पूर्ण कर अभियुक्त के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया गया। फतेहगढ़ पुलिस टीम, मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन पक्ष, कोर्ट पैरोकार एवं कोर्ट मोहर्रिर द्वारा प्रभावी पैरवी की गई। इसके परिणामस्वरूप पॉक्सो प्रथम कोर्ट ने 24 अगस्त 2026 को अभियुक्त दीपक को दोषसिद्ध करते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास तथा 30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

इस मामले में एडीजीसी श्री प्रदीप सिंह, कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल तेज सिंह एवं पैरोकार कांस्टेबल मनोज कुमार की प्रभावी भूमिका रही।

पॉक्सो एवं एससी-एसटी एक्ट मामले में 4 वर्ष की सजा

वहीं थाना शमसाबाद में वर्ष 2017 में अभियुक्त निहाल पुत्र इकबाल अहमद निवासी बजरिया, थाना शमसाबाद के विरुद्ध मुकदमा अपराध संख्या 143/2017, वाद संख्या 68/2017, धारा 363, 354 भादवि, धारा 8 पॉक्सो एक्ट एवं धारा 3(2)(V) एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

विवेचना पूर्ण होने के बाद अभियुक्त के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। फतेहगढ़ पुलिस टीम, मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन पक्ष, कोर्ट पैरोकार एवं कोर्ट मोहर्रिर द्वारा लगातार प्रभावी पैरवी की गई। इसके फलस्वरूप स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने 24 अगस्त 2026 को अभियुक्त निहाल को दोषसिद्ध करते हुए 4 वर्ष के कठोर कारावास एवं 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

इस मामले में एडीजीसी श्री तेज सिंह, एडीजीसी श्री विकास कटियार, कोर्ट मोहर्रिर महिला कांस्टेबल प्राची एवं पैरोकार हेड कांस्टेबल राजेश कुमार की प्रभावी पैरवी रही।

पुलिस विभाग के अनुसार, ऑपरेशन कनविक्शन एवं मिशन शक्ति 5.0 के तहत महिला एवं बाल अपराधों में अपराधियों को अधिक से अधिक सजा दिलाने के उद्देश्य से थाना प्रभारियों, पैरोकारों, मॉनिटरिंग सेल एवं अभियोजन पक्ष के बीच बेहतर समन्वय के साथ प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जा रही है।