Monday, 14 September 2026 | 10:11 PM
India

फर्रुखाबाद: यातायात माह में भी नियमों की उड़ रही धज्जियां, बिना नंबर के टैम्पो दौड़ रहे बेखौफ

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 06 नवम्बर 2025 एक ओर जहां पुलिस प्रशासन “यातायात माह” के तहत लोगों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने में जुटा है, वहीं दूसरी ओर शहर की सड़कों पर टैम्पो चालकों की मनमानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। शहर में कई टैम्पो बिना नंबर प्लेट के खुलेआम फर्र
Share:
फर्रुखाबाद: यातायात माह में भी नियमों की उड़ रही धज्जियां, बिना नंबर के टैम्पो दौड़ रहे बेखौफ
Read in your preferred language.

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 06 नवम्बर 2025 एक ओर जहां पुलिस प्रशासन “यातायात माह” के तहत लोगों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने में जुटा है, वहीं दूसरी ओर शहर की सड़कों पर टैम्पो चालकों की मनमानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। शहर में कई टैम्पो बिना नंबर प्लेट के खुलेआम फर्राटा भरते देखे गए, जो यातायात नियमों की पूरी तरह धज्जियां उड़ा रहे हैं।

लाल दरवाजा से लेकर फतेहगढ़ मार्ग तक ऐसे कई खटारा टैम्पो दिनभर सवारियों से भरे दौड़ते नजर आते हैं। इनमें न तो वाहन नंबर अंकित हैं और न ही चालक हेलमेट या ट्रैफिक नियमों की परवाह करते दिखते हैं। बिना नंबर के इन वाहनों की पहचान करना दुर्घटना की स्थिति में मुश्किल हो जाता है।

पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार अभियान चलाकर शहरवासियों में जागरूकता फैलाने की कोशिशें की जा रही हैं। शहर के प्रमुख मार्गों पर बड़े-बड़े “यातायात सुरक्षा” बैनर लगाए गए हैं, वहीं स्कूल-कॉलेजों में भी जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। बावजूद इसके नागरिकों में नियमों के पालन को लेकर गंभीरता नहीं दिख रही।

यातायात नियमों के अनुसार बिना नंबर प्लेट वाले वाहन को चलाना दंडनीय अपराध है। पहली बार पकड़े जाने पर ₹5,000 और दोबारा पकड़े जाने पर ₹10,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके बावजूद कई चालक कानून की परवाह किए बिना नियमों को ताक पर रखकर वाहन चला रहे हैं।

इस संबंध में यातायात प्रभारी सतेन्द्र कुमार ने बताया कि “यातायात माह के अंतर्गत लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है। बिना नंबर या कागज़ों के वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्यवाही भी की जा रही है।”

स्पष्ट है कि पुलिस और परिवहन विभाग की मेहनत तब तक कारगर नहीं होगी, जब तक नागरिक स्वयं जिम्मेदारी का परिचय नहीं देंगे और सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन नहीं करेंगे।