Monday, 14 September 2026 | 9:20 PM
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फर्रुखाबाद:अब ऑनलाइन होगी मरीजों की रिपोर्टिंग,डाटा आपरेटर को दिया गया इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म पर प्रशिक्षण

फर्रुखाबाद ,22 फरवरी 2023 अब सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों के स्वास्थ्य की ऑनलाइन रिर्पोटिंग होगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विसेज प्रोग्राम की शुरुआत की गई | इसी को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी सभागार में बुधवार को डाटा आपरेटर का उन्मुखीकरण किया गया | प्रशिक्षण मे
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फर्रुखाबाद:अब ऑनलाइन होगी मरीजों की रिपोर्टिंग,डाटा आपरेटर को दिया गया इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म पर प्रशिक्षण
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फर्रुखाबाद ,22 फरवरी 2023 अब सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों के स्वास्थ्य की ऑनलाइन रिर्पोटिंग होगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विसेज प्रोग्राम की शुरुआत की गई | इसी को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी सभागार में बुधवार को डाटा आपरेटर का उन्मुखीकरण किया गया | प्रशिक्षण में बताया गया कि किस तरह से ओपीडी में आने वाले मरीजों का डाटा इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लैटफॉर्म पर अपलोड किया जायेगा l
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अवनीन्द्र कुमार ने बताया कि मौसम बदलने से कई तरह के रोग फैलते हैं जिनको समय रहते रोकने और मरीज को समय पर इलाज मिले जिससे बीमारी को नियंत्रित किया जा सके l इसके लिए ब्लॉक स्तरीय डॉक्टर को कल प्रशिक्षण दिया जा चुका है कि उनको किस तरह से ओपीडी में आने वाले मरीजों का डाटा ओपीडी रजिस्टर में अंकित करना है जिससे डाटा आपरेटर को पोर्टल पर अपलोड करने में आसानी हो l वेब पोर्टल पर अपलोड जानकारी जिले से लेकर राज्य तक के स्वास्थ्य महकमे को जाएगी। 

उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आर सी माथुर ने डाटा आपरेटर को प्रशिक्षण देते हुए कहा कि जब हम पोर्टल पर मरीज़ का डाटा अंकित करें तो विशेष ध्यान रखें जिससे उसके रोग का विवरण सही हो और उसका इलाज भी रोग के हिसाब से हो l डॉ माथुर ने बताया कि इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लैटफॉर्म पर मरीज़ का डाटा होने से हमें यह जानकारी मिलती है कि संबंधित क्षेत्र में किस बीमारी का अधिक प्रभाव हुआ जिससे आने वाले समय में हम पहले से ही तैयार हो जाएं कि यह बीमारी उस जगह पर फैल सकती है जिससे उसका इलाज संभव हो सके और पहले से उस बीमारी को रोकने की तैयारी की जा सके l

जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ रणधीर सिंह ने बताया कि जिले के अलग-अलग क्षेत्र में बीमारियों के लक्षण की पुष्टि होने पर मैनुअल डाटा स्वास्थ्य विभाग को भेजा जा रहा था। बीमारियों का आंकड़ा हेल्थ ऑफिसर, प्रदेश सरकार व केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचने में करीब एक महीने का वक्त लगता था। ऐसे में संबंधित क्षेत्र में बीमारियों के प्रकोप की रोकथाम करने के लिए विभाग की ओर से गंभीर कदम उठाने में देर हो जाती थी। इसको ध्यान में रखते हुए विभाग ने इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लैटफॉर्म पोर्टल पर मरीजों में होने वाली बीमारियों की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करने की हिदायत दी है।

सीएचसी शमसाबाद में डाटा आपरेटर के पद पर तैनात विशाल भारतीय ने बताया कि अब से ओपीडी में आने वाले मरीजों का डाटा इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लैटफॉर्म पोर्टल पर अपलोड करना होगा जिसकी आज ट्रेनिंग दी गई इससे हम लोगों को जानकारी रहेगी की किस क्षेत्र में कौन सी बीमारी फैल रही है जिससे उसको समय रहते काबू में किया जा सके l
इस दौरान बरौन से डाटा आपरेटर मनोज, कमालगंज से स्वाति यादव सहित 11 डाटा आपरेटर को प्रशिक्षण दिया गया l