Monday, 14 September 2026 | 9:57 PM
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फर्रुखाबाद:महाभारत सर्किट में चमकेगा काम्पिल्य: 4.70 करोड़ की परियोजना से द्रौपदी जन्मस्थली बनेगी वर्ल्ड क्लास टूरिस्ट हब।

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 30 मार्च 2026 उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक नगर काम्पिल्य (कंपिल), जो पौराणिक मान्यताओं के अनुसार पांचाल की राजधानी रहा है, अब विश्व स्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होने जा रहा है। प्रदेश सरकार ने महाभारत सर्किट के तहत इसके समेकित विकास के लिए 4.70 करोड़ रुपये की परि
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फर्रुखाबाद:महाभारत सर्किट में चमकेगा काम्पिल्य: 4.70 करोड़ की परियोजना से द्रौपदी जन्मस्थली बनेगी वर्ल्ड क्लास टूरिस्ट हब।
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 30 मार्च 2026 उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक नगर काम्पिल्य (कंपिल), जो पौराणिक मान्यताओं के अनुसार पांचाल की राजधानी रहा है, अब विश्व स्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होने जा रहा है। प्रदेश सरकार ने महाभारत सर्किट के तहत इसके समेकित विकास के लिए 4.70 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी है, जिसमें पहली किश्त के रूप में 1.40 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं।

प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि काम्पिल्य को उसकी ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान के अनुरूप विकसित किया जाएगा, ताकि देश-विदेश के पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं और समृद्ध अनुभव मिल सके।

आधुनिक तकनीक से जीवंत होंगे महाभारत के प्रसंग

इस परियोजना के तहत करीब 2.37 करोड़ रुपये की लागत से चार अत्याधुनिक इंटरैक्टिव इंटरप्रिटेशन इंस्टॉलेशन स्थापित किए जाएंगे। इनकी मदद से द्रौपदी के जन्म, उनके स्वयंवर, श्रीकृष्ण के साथ उनकी मित्रता तथा कपिल मुनि के आश्रम से जुड़े प्रसंगों को सजीव रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इससे पर्यटकों को महाभारत कालीन इतिहास को आधुनिक तकनीक के माध्यम से समझने का अनूठा अवसर मिलेगा।

रामेश्वर नाथ मंदिर को मिलेगा भव्य स्वरूप

काम्पिल्य स्थित प्राचीन रामेश्वर नाथ मंदिर को भी इस योजना में विशेष महत्व दिया गया है। लगभग 30 लाख रुपये की लागत से यहां एक भव्य और पारंपरिक शैली का प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। मान्यता है कि शत्रुघ्न ने यहां शिवलिंग की स्थापना की थी, जिसके चलते यह स्थल धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं

परियोजना के अंतर्गत लगभग 55 लाख रुपये की लागत से एक आधुनिक टूरिस्ट फैसिलिटी सेंटर का निर्माण किया जाएगा। इसमें स्वच्छ शौचालय, पेयजल, विश्राम स्थल, कैफेटेरिया और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, स्थल के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाने के लिए स्टोन स्टोरी बोर्ड और इंटरप्रिटेशन पैनल भी लगाए जाएंगे।

जैन और बौद्ध धर्म के लिए भी महत्वपूर्ण केंद्र

काम्पिल्य केवल महाभारत से ही नहीं, बल्कि जैन और बौद्ध धर्म के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह भगवान विमलनाथ की जन्मस्थली माना जाता है, जबकि निकट स्थित संकिसा का संबंध गौतम बुद्ध से जुड़ा है।

पर्यटन में बढ़ती दिलचस्पी

वर्ष 2025 में फर्रुखाबाद जनपद में 21.67 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे, जिनमें विदेशी पर्यटकों की भी उल्लेखनीय संख्या रही। सरकार का मानना है कि महाभारत सर्किट के विकास से यहां पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

प्राचीन गौरव की पुनर्स्थापना की दिशा में कदम

अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि काम्पिल्य का विकास उसके प्राचीन गौरव को पुनः स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश को विभिन्न पर्यटन सर्किटों में विकसित किया जा रहा है, जिससे सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान मिल रही है।

महाभारत कालीन विरासत, धार्मिक महत्व और आधुनिक सुविधाओं के समन्वय से काम्पिल्य आने वाले समय में न केवल आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पर्यटन हब के रूप में भी उभरेगा।