Monday, 14 September 2026 | 9:27 PM
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सीएम योगी बोले- सपा के भ्रष्टाचार का जीवंत स्मारक है जेपीएनआईसी, दंगा उसकी पहचान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ में बना जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) समाजवादी पार्टी के भ्रष्टाचार का जीवंत स्मारक है। सपा ने इसे अपनी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का अड्डा जैसा बना दिया था। एक महापुरुष के नाम का इससे बड़ा अपमान नहीं हो सकता। प्रदेश सरकार अपराध व अपराधियों के साथ
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सीएम योगी बोले- सपा के भ्रष्टाचार का जीवंत स्मारक है जेपीएनआईसी, दंगा उसकी पहचान
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ में बना जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) समाजवादी पार्टी के भ्रष्टाचार का जीवंत स्मारक है। सपा ने इसे अपनी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का अड्डा जैसा बना दिया था। एक महापुरुष के नाम का इससे बड़ा अपमान नहीं हो सकता। प्रदेश सरकार अपराध व अपराधियों के साथ-साथ बेईमानी और भ्रष्टाचार के खिलाफ भी जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ वीरांगना अवंतीबाई लोधी की भव्य प्रतिमा का लोकार्पण करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए पूरा जीवन समर्पित करने वाले जयप्रकाश नारायण के नाम पर सपा शासनकाल में शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट की लागत 200 करोड़ रुपये थी, लेकिन 864 करोड़ खर्च करने के बावजूद यह अधूरा रहा। जिस काम को 18 महीने में पूरा होना था, वह दो साल बाद भी अधूरा था। सेंटर पर सपा का कब्जा रखने के लिए एक कमेटी गठित की गई, जिसमें अखिलेश यादव, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव, अखिलेश के निजी सचिव और सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी शामिल थे।

सीएम योगी ने कहा कि जेपीएनआईसी पर खर्च हुए 864 करोड़ रुपये सैफई सिंडिकेट के नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की जनता के हैं। जनता के पैसे पर किसी राजनीतिक दल को डकैती डालने की छूट नहीं दी जा सकती। सरकार ने कमेटी भंग कर इस सेंटर को वापस लिया है। अब लखनऊ विकास प्राधिकरण के मार्गदर्शन में इसे संचालित कर जयप्रकाश नारायण की स्मृति को जीवंत किया जाएगा। साथ ही प्रदेश के खजाने से खर्च धनराशि की वसूली का प्रयास किया जाएगा। सरकार ने जिन लोगों के हाथ से खजाना छीन लिया, वे अब अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं।