महामारी के बीच देशभर में ज्यादातर अदालतें अभी भी मुकदमों की सुनवाई वर्चुअल ही कर रही हैं। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट और जिला अदालतों के लिए यह सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 1500 अतिरिक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग लाइसेंसों की खरीद की प्रक्रिया शुरू की है। इस पर करीब नौ करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।
केंद्रीय कानून मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन के पहले दिन से सितंबर के अंत तक देशभर में हाईकोर्ट और जिला अदालतों में 26 लाख से अधिक मामलों की वर्चुअल सुनवाई की गई। 24 मार्च से 21 सितंबर के बीच में, 25 हाईकोर्ट ने मिलकर 6,88,318 मामले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुने। करीब 19,000 जिला अदालतों ने इस दौरान 19,33,492 मामले वर्चुअल तरीके से सुने। इस तरह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 26,21,810 मामले की सुनवाई हुई।
अब सरकार ने 1500 अतिरिक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग लाइसेंसों की खरीद की प्रक्रिया शुरू की है। यह सुविधा हाईकोर्ट और जिला अदालतों में उपलब्ध कराई जाएगी।
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वर्चुअल सुनवाई को अदालतों के लिए 1500 अतिरिक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग लाइसेंस खरीदेगा केंद्र
महामारी के बीच देशभर में ज्यादातर अदालतें अभी भी मुकदमों की सुनवाई वर्चुअल ही कर रही हैं। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट और जिला अदालतों के लिए यह सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 1500 अतिरिक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग लाइसेंसों की खरीद की प्रक्रिया शुरू की है। इस पर करीब नौ करोड़ रुपये की लागत आएगी।
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