बरेली-बरेली में अस्पताल कर्मियों की लापरवाही के कारण न जाने रोज कितने ही लोगो की जान जा रही हैं।और अस्पताल कह देता है कि हमने तो बहुत कोशिश की पर नही बच पाए,सच मे तो अस्पताल मरीज की हालत देख एक कोरे कागज पर साइन करा लेता है कि अगर आपके मरीज की इलाज के दौरान जान चली जाती है तो इसका अस्पताल जिम्मेदार नही होगा।और इसी बूते पर अस्पताल में लापरवाही पर लापरवाही होती रहती है।और उन्हें इससे कोई फर्क नही पड़ता कि उनकी जान जाए या बचे,ऐसा ही मामला भुता थाना क्षेत्र के गाँव खरदा की रहने बाली नीतू अपने पति रामपाल पेट मे दर्द होने पर इलाज के लिए बरेली के एक अस्पताल में लेकर गयी।तो अस्पताल ने एक लाख 90 हजार पहले ही जमा करा लिए और लापरवाही करते रहे जिसके कारण रामपाल की जान चली,जब अस्पताल कर्मियों और डॉक्टरों से कहा तो उन्होंने कहा कि मर गए तो हम क्या करें,इसकी रिपोर्ट उसने पुलिस को दी लेकिन कोई कार्यवाही न होते देख वह अपने पति की लाश को रोते हुए लेकर जिलाधिकारी के कार्यालय ले पहुंची,तव जिलाधिकारी ने कार्यवाही का आस्वासन देकर शव ले जाने को कहा।
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बरेली: पति का शव एम्बुलेंस में डाल के पहुंची जिलाधकारी कार्यालय
बरेली-बरेली में अस्पताल कर्मियों की लापरवाही के कारण न जाने रोज कितने ही लोगो की जान जा रही हैं।और अस्पताल कह देता है कि हमने तो बहुत कोशिश की पर नही बच पाए,सच मे तो अस्पताल मरीज की हालत देख एक कोरे कागज पर साइन करा लेता है कि अगर आपके मरीज की इलाज के दौरान जान चली जाती है तो इसका अस्पताल जिम्मेदार
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