BBAU यानी बाबा साहब भीमराव आंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने शोध कर लैब में बैक्टीरिया, फंगस और पौधों को उगाने की नई तकनीक विकसित की है। बड़ी बात यह हैं कि यह विधि 100% वनस्पति आधारित होने की वजह से सुरक्षित है और मानकों के अनुरूप है।
इससे फसलों की उपज और उत्पादन में इजाफा होने के साथ ही कीटनाशकों और रसायनिक उर्वरकों के प्रयोग से निजात मिलने की आस जगी हैं। इस तकनीक को माइक्रोबायोलॉजिकल मीडियम कहा जाता हैं। नए प्रकार के शोध के प्रयोग के लिए सरकार से पेटेंट मिल गया है।
यह शोध बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ अर्थ एंड एनवायरनमेंटल साइंसेज के डीन प्रो. नवीन कुमार अरोड़ा ने की है। प्रो. अरोड़ा ने बताया कि बैक्टीरिया और फंगस उगाने में 100% वनस्पति का उपयोग किया गया है। जानवरों से जुड़ी कोई सामाग्री नहीं उपयोग की गई है।
उन्होंने बताया कि इससे पहले बैक्टीरिया को उगाने में अधिकांश में जानवर आधारित घटक उपयोग में लाए गए हैं इस लिहाज से इसे बेहद कारगर विधि करार दिया। प्रोफेसर अरोड़ा की प्रयोगशाला से डॉ. जितेंद्र मिश्रा और प्रिया मिश्रा ने नए मीडिया बनाने के इस शोध में मदद की है।
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बाबा साहब भीमराव आंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय लैब में पौध उगाने की नई तकनीक विकसित
BBAU यानी बाबा साहब भीमराव आंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने शोध कर लैब में बैक्टीरिया, फंगस और पौधों को उगाने की नई तकनीक विकसित की है। बड़ी बात यह हैं कि यह विधि 100% वनस्पति आधारित होने की वजह से सुरक्षित है और मानकों के अनुरूप है। इससे फसलों की उपज और उत्पादन में इजाफा होने के साथ
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