Monday, 14 September 2026 | 10:07 PM
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बंगाल की पिच पर उतरे असदुद्दीन ओवैसी, दरगाह में की जियारत

बिहार विधानसभा में मिली जीत से उत्साहित होकर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बंगाल चुनाव में भी उतरने की घोषणा कर दी थी.उसकी शुरुआत भी ओवैसी द्वारा कर दी गई है. बंगाल की गरमाई राजनीति में ओवैसी की एंट्री हो चुकी है. ओवैसी बंगाल के हुगली शहर पहुंच चुके हैं जहां उन्होंने अपने पार्टी नेताओं से आगामी चु
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बंगाल की पिच पर उतरे असदुद्दीन ओवैसी, दरगाह में की जियारत
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बिहार विधानसभा में मिली जीत से उत्साहित होकर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बंगाल चुनाव में भी उतरने की घोषणा कर दी थी.उसकी शुरुआत भी ओवैसी द्वारा कर दी गई है. बंगाल की गरमाई राजनीति में ओवैसी की एंट्री हो चुकी है. ओवैसी बंगाल के हुगली शहर पहुंच चुके हैं जहां उन्होंने अपने पार्टी नेताओं से आगामी चुनावों को लेकर की जा रही तैयारियों पर बातचीत की. हुगली पहुंचे ओवैसी ने फुरफुरा शरीफ दरगाह पर जाकर जियारत भी की.

ओवैसी सिर्फ बंगाल चुनावों पर ही नजर नहीं रखे हुए हैं बल्कि गुजरात, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, राजस्थान जैसे प्रदेशों में भी अपनी पार्टी की संभावनाओं को तलाश रहे हैं. गुजरात में ओवैसी की AIMIM पार्टी ने भारतीय ट्राइबल पार्टी के साथ गठबंधन कर लिया है जहां उसकी नजर निकाय चुनावों पर है. 

मध्य प्रदेश में भी ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) अगले साल होने वाले निकाय चुनाव में अपने उम्मीदवार उतार सकती है. फिलहाल ओवैसी की स्टेट यूनिट चुनिंदा जगहों पर सर्वे करा रही है ताकि पार्टी की जमीनी स्थिति का आकलन किया जा सके.  लेकिन ओवैसी की निगाह बंगाल राज्य पर अधिक है, इसका कारण ये है कि यहां मुस्लिम आबादी बाकी राज्यों के मुकाबले काफी ज्यादा है.

2011 की जनगणना के अनुसार पश्चिम बंगाल की आबादी में मुसलमानों की हिस्सेदारी 27 प्रतिशत है. यही कारण है कि ओवैसी को यहां ज्यादा संभावनाएं नजर आ रही हैं और उन्होंने विधानसभा चुनावों के लिए AIMIM की दावेदारी ठोक दी है. 

बिहार विधानसभा चुनावों की बात करें तो  2020 विधानसभा चुनावों में पार्टी ने पांच विधानसभा सीटों में से चार किशनगंज जिले में जीतीं, जहां पर मुस्लिम आबादी 60 प्रतिशत से ज्यादा है. इस प्रदर्शन ने उन पार्टियों को चिंतित कर दिया है जिन्हें परंपरागत रूप से मुसलमानों का वोट मिलता रहा है. यही कारण है कि ओवैसी की बंगाल में एंट्री से भाजपा तो खुश है लेकिन ममता बनर्जी चिंतित हैं क्योंकि मुस्लिम वोट के बिखरने से ममता बनर्जी का चुनावी गणित खराब हो सकता है.

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आदर्श कुमार

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