Monday, 14 September 2026 | 10:02 PM
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फिर यूक्रेन को मदद भेजेगा अमेरिका

रूस और यूक्रेन के बीच पिछले ढाई साल से तनाव जारी है। इस बीच अमेरिका एक बार फिर यूक्रेन की सहायता के लिए आगे बढ़ा। राष्ट्रपति जो बाइडन की प्रशासन ने बताया कि अमेरिका एक बार फिर आगामी हफ्तों में यूक्रेन को एक बड़ा सहायता पैकेज भेजने की तैयारी कर रहा है। व्हाइट हाउस राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन
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फिर यूक्रेन को मदद भेजेगा अमेरिका
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रूस और यूक्रेन के बीच पिछले ढाई साल से तनाव जारी है। इस बीच अमेरिका एक बार फिर यूक्रेन की सहायता के लिए आगे बढ़ा। राष्ट्रपति जो बाइडन की प्रशासन ने बताया कि अमेरिका एक बार फिर आगामी हफ्तों में यूक्रेन को एक बड़ा सहायता पैकेज भेजने की तैयारी कर रहा है। व्हाइट हाउस राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने शनिवार को बताया कि राष्ट्रपति बाइडन इस महीने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात करने वाले हैं। जेक सुलिवन ने कहा, इस संघर्ष में सफलता के लिए हमें एक व्यापक रणनीति की आवश्यकता है। राष्ट्रपति जेलेंस्की का कहना है कि वह यही कर रहे हैं। उन्होंने कीव में याल्टा यूरोपियन रणनीति सम्मेलन में वीडियोलिंक के जरिए यह टिप्पणी की। सुलिवन ने आगे कहा, "हम बैठकर इस मुद्दे पर बातचीत के लिए उत्सुक हैं। राष्ट्रपति बाइडन भी इसके लिए काफी ज्यादा उत्साहित हैं।" पिछले कुछ हफ्तों में यूक्रेनी सेना को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा क्योंकि रूस अहम पारगमन केंद्र (ट्रांजिट सेंटर) पोक्रोव्स्क की ओर आगे बढ़ रहा है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने बताया कि राष्ट्रपति बाइडन अपने कार्यकाल के शेष महीनों में यूक्रेन को अच्छी स्थिति में रखने की कोशिश कर रहे हैं। बता दें कि जो बाइडन इस साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ से बाहर हो चुके हैं। उनका कार्यकाल जनवरी में खत्म होने वाला है।

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि इस युद्ध को बातचीत के माध्यम से समाप्त करना होगा। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को कहा था कि अगर पश्चिमी देश यूक्रेन को हथियार उपलब्ध कराकर रूस पर हमले करने की अनुमति देता है तो इस संघर्ष में पश्चिमी देश भी सीधे तौर पर शामिल होगा। उन्होंने यह भी कहा था कि इससे युद्ध का स्वरूप पूरी तरह से बदल जाएगा। यूक्रेनी राष्ट्रपति रूस में लंबी दूरी के मिसाइलों से हमले करने के लिए बाइडन प्रशासन और पश्चिमी सरकारों पर दबाव बना रहा है। इसके साथ ही वे मॉस्को पर भी इस युद्ध को खत्म करने के लिए जोर डाल रहे हैं।