Monday, 14 September 2026 | 9:20 PM
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अमेरिका बोला- हमले में यूक्रेन शामिल नहीं

आतंकी संगठन ISIS ने रूस की राजधानी मॉस्को में क्रोकस सिटी हॉल पर हुए आतंकी हमले का वीडियो जारी किया है। इसे गोलीबारी करने वाले एक आतंकी के कपड़ों पर लगे कैमरे से रिकॉर्ड किया गया। 90 सेकेंड के वीडियो में चारों आतंकियों की पहचान छुपाने के लिए उनके चेहरे ब्लर किए गए हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि
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अमेरिका बोला- हमले में यूक्रेन शामिल नहीं
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आतंकी संगठन ISIS ने रूस की राजधानी मॉस्को में क्रोकस सिटी हॉल पर हुए आतंकी हमले का वीडियो जारी किया है। इसे गोलीबारी करने वाले एक आतंकी के कपड़ों पर लगे कैमरे से रिकॉर्ड किया गया। 90 सेकेंड के वीडियो में चारों आतंकियों की पहचान छुपाने के लिए उनके चेहरे ब्लर किए गए हैं।
वीडियो में देखा जा सकता है कि एक आतंकी दूसरे आतंकी से उस जगह पर हमला करने का इशारा करता है जहां लोग अपनी जान बचाने के लिए छुपे थे। जमीन पर लाशें, खून और धुआं भी दिख रहा है। 22 मार्च की रात हुए इस हमले में अब तक 143 लोगों की मौत हो गई है।
इधर, हमले के संदिग्धों से हुई पूछताछ रूसी टीवी चैनल्स पर दिखाई गई। रूसी मीडिया हाउस RT ने दो ऐसे वीडियो शेयर किए हैं जिनमें संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। उनके हाथ बंधे हुए हैं।
इधर, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शनिवार देर रात कहा कि आतंकी हमले के बाद यूक्रेन की तरफ भागे थे। सभी को पकड़ लिया गया है, उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी। उन्होंने 24 मार्च को राष्ट्रीय शोक की घोषणा की। वहीं, यूक्रेन राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुतिन कॉन्सर्ट हॉल हमले का दोष यूक्रेन पर मढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।
अमेरिका का कहना है कि हमले में यूक्रेन का हाथ नहीं है। शनिवार रात व्हाइट हाउस ने कहा- यूक्रेन के हमले में शामिल होने से जुड़ा कोई सबूत नहीं मिला है। इसके लिए ISIS ही जिम्मेदार है। जो हुआ है उसमें आम लोगों को निशाना बनाया गया है। ये आतंकी हमला ही है।
7 मार्च को रूस में मौजूद अमेरिकी दूतावास ने किसी बड़े हमले की चेतावनी दी थी। दूतावास ने कहा था कि चरमपंथी मॉस्को में होने वाले किसी म्यूजिक कॉन्सर्ट में हमला करने की साजिश रच रहे हैं। हालांकि, पुतिन ने अमेरिकी दूतावास के हमले की चेतावनी दिए जाने की निंदा की थी।
रूस ने अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 4 हमलावर हैं और 7 लोग उनकी मदद करने वाले बताए गए हैं। RT इंडिया की रिपोर्ट मुताबिक, रूस के सिक्योरिटी सर्विस के चीफ ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बताया है कि चार संदिग्ध सफेद रंग की कार में भागने की कोशिश कर रहे थे। इन्हें रूस-यूक्रेन बॉर्डर से पकड़ा गया।
जांच एजेंसियों ने बताया है कि आतंकी हमला पूरी प्लानिंग के साथ हुआ। हमलावरों के लिए पहले से ही क्रोकस सिटी हॉल में हथियार छिपाकर रखे हुए थे। जांच अभी जारी है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक कथित हमलावर अपना गुनाह कबूल कर रहा है। वो पूरी प्लानिंग के बारे में बता रहा है। हमलावर इस योजना के साथ आए थे कि वो हमला कर यूक्रेन की तरफ भागेंगे। 3 हमलावरों को तस्वीर भी जारी की गई है।
सेना जैसी वर्दी पहने 4 आतंकियों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं, बम फेंके और फरार हो गए। पहले आतंकियों की संख्या 5 बताई गई थी।
वहीं, मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने कहा- हमला उस वक्त हुआ जब हॉल में प्रसिद्ध रूसी रॉक बैंड पिकनिक का कॉन्सर्ट चल रहा था। आतंकवादी ऑटोमैटिक हथियारों के साथ बिल्डिंग के एंट्री गेट पर पहुंचे और गोलीबारी शुरू की।
चश्मदीदों के मुताबिक, हमलावरों की दाढ़ी थी। उनके पास AK सीरीज के हथियार थे। उन्होंने मेन गेट बंद किया और लोगों को नजदीक से गोली मारीं।हमला ISIS की खुरासान विंग यानी ISIS-K ने किया। ISIS-K का नाम उत्तरपूर्वी ईरान, दक्षिणी तुर्कमेनिस्तान और उत्तरी अफगानिस्तान में आने वाले क्षेत्र के नाम पर रखा गया है।
यह संगठन सबसे पहले 2014 में पूर्वी अफगानिस्तान में एक्टिव हुआ। तब रूस के उग्रवादी समूहों के कई लड़ाके इसमें शामिल होने सीरिया पहुंच गए।
ये पुतिन और उनके प्रोपागेंडा का विरोध करते हैं। इनका कहना है कि पुतिन की सरकार चेचन्या और सीरिया में हमले कर मुसलमानों पर अत्याचार करती है। अफगानिस्तान ने मुसलमानों पर इसी तरह के अत्याचार रूस ने सोवियत काल के दौरान किए थे।
पुतिन 18 मार्च को 5वीं बार रूस के राष्ट्रपति बने। 5 दिन बाद यह बड़ा आतंकी हमला हुआ। फिलहाल पुतिन ने हमले पर कोई बयान नहीं दिया है।