Monday, 14 September 2026 | 10:08 PM
India

60 साल में 40% मून मिशन फेल, फिर इतना खर्च क्यों?

सोमवार को अमेरिका के टेक्सास शहर से अब तक का सबसे बड़ा रॉकेट 'स्टारशिप' लॉन्च होना था। तकनीकी खराबी की वजह से इसके लॉन्च की तारीख को आगे बढ़ा दिया है। ये रॉकेट एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स ने बनाया है। नासा इसी रॉकेट से अपने 'आर्टेमिस-2' मून मिशन को अंजाम देने की तैयारी कर रहा है। इसमें इंसान को चां
Share:
60 साल में 40% मून मिशन फेल, फिर इतना खर्च क्यों?
Read in your preferred language.

सोमवार को अमेरिका के टेक्सास शहर से अब तक का सबसे बड़ा रॉकेट 'स्टारशिप' लॉन्च होना था। तकनीकी खराबी की वजह से इसके लॉन्च की तारीख को आगे बढ़ा दिया है। ये रॉकेट एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स ने बनाया है। नासा इसी रॉकेट से अपने 'आर्टेमिस-2' मून मिशन को अंजाम देने की तैयारी कर रहा है। इसमें इंसान को चांद पर भेजा जाएगा।

नासा ने मस्क की कंपनी के साथ इस मिशन के लिए 23 हजार करोड़ और 9 हजार करोड़ रुपए के दो कॉन्ट्रैक्ट साइन किए हैं। इसे दुनिया में एक बार फिर चांद को फतह करने की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, पिछले 60 सालों में 40% मून मिशन फेल हुए हैं।