Monday, 14 September 2026 | 7:43 PM
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यासीन मलिक तिहाड़ जेल में भूख हड़ताल पर बैठा , कहा- मेरे मामले की जांच ठीक से नहीं हो रही

दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद यासीन मलिक शुक्रवार सुबह से भूख हड़ताल पर है। मलिक ने आरोप लगाया है कि उसके मामले की ठीक से जांच नहीं हो रही है। जेल अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। उससे भूख हड़ताल तुड़वाने के लिए जेल के अधिकारियों ने बात की और उसे मनाने की कोशिश की। हालांकि, अभी तक इसमें कामयाबी नहीं म
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यासीन मलिक तिहाड़ जेल में भूख हड़ताल पर बैठा , कहा- मेरे मामले की जांच ठीक से नहीं हो रही
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दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद यासीन मलिक शुक्रवार सुबह से भूख हड़ताल पर है। मलिक ने आरोप लगाया है कि उसके मामले की ठीक से जांच नहीं हो रही है। जेल अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। उससे भूख हड़ताल तुड़वाने के लिए जेल के अधिकारियों ने बात की और उसे मनाने की कोशिश की। हालांकि, अभी तक इसमें कामयाबी नहीं मिली है।
अप्रैल, 2019 में एनआईए ने जम्मू-कश्मीर में टेरर-फंडिंग और अलगाववादी समूहों से जुड़े मामले में मलिक को गिरफ्तार किया था। एक साल बाद मार्च, 2020 में मलिक और उसके छह साथियों पर आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (टाडा), शस्त्र अधिनियम 1959 और रणबीर दंड संहिता के तहत आरोप लगाए गए। 25 जनवरी, 1990 को रावलपोरा में भारतीय वायु सेना के 40 कर्मियों पर हमले में यह कार्रवाई हुई।
यासीन मलिक को 25 मई को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दिल्ली की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इससे पहले 2017 में मलिक को कश्मीर घाटी में आतंकवाद और अलगाववादी गतिविधियों से संबंधित मामले में दोषी ठहराया गया। वहीं, 19 मई को दिल्ली की एनआईए अदालत ने उसे टेरर फंडिंग मामले में दोषी ठहराया
यासीन मलिक प्रतिबंधित संगठन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) का प्रमुख है। उसे आतंकवाद के वित्त पोषण से जुड़े मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबैया सईद 1989 के अपने अपहरण से जुड़े मामले में हाल ही में सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष पेश हुईं। इस दौरान उन्होंने जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक और तीन अन्य की पहचान अपने अपहरणकर्ताओं के रूप में की थी।