Monday, 14 September 2026 | 6:18 PM
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उमरिया: इनकी सूने कौन ? समस्या तो सिस्टम है

एक ओर सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना चलाकर गरीबों को छत मुहैया करा रही है, लेकिन जिले के गरीबों के लिए आवास योजना बेमानी है। पथवार की एक गरीब और विधवा महिला की जिंदगानी टूटे आशियाने में गुजर रही है। महिला ने कई बार अधिकारियों से मकान की फरियाद की, लेकिन किसी ने गौर नहीं किया। आलम यह है कि बारिश में म
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उमरिया: इनकी सूने कौन ? समस्या तो सिस्टम है
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एक ओर सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना चलाकर गरीबों को छत मुहैया करा रही है, लेकिन जिले के गरीबों के लिए आवास योजना बेमानी है। पथवार की एक गरीब और विधवा महिला की जिंदगानी टूटे आशियाने में गुजर रही है। महिला ने कई बार अधिकारियों से मकान की फरियाद की, लेकिन किसी ने गौर नहीं किया। आलम यह है कि बारिश में महिला तिरपाल लगाकर सिर छिपा रही है।
जयसिंह नगर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत पथरवार में एक वृद्ध महिला घर के लिए तरस रही है, ऐसा इसलिए क्योंकि पीएम आवास योजना के अंतर्गत वर्ष 2018-2019 में इनका आवास तो मंजूर हुआ लेकिन सचिव – सहायक सचिव ने आवास बनने से पहले ही रोक लगा दी।उनकी दलील है कि कि उनके छोटे बेटे के पास पक्का मकान है इसलिए वो अपात्र है।
रामवती जैसवाल पति स्वर्गीय जगदीश जैसवाल अपने छोटे बच्चे शियशारन जैसवाल से पृथक होकर अकेले ही जीवन व्यतीत करतीं हैं।

पत्रकार: कंचन साहू