Monday, 14 September 2026 | 6:20 PM
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अमेरिका की सियासत पर भी पड़ रहा है इजराइल और हमास के बीच जारी जंग का असर

इजराइल और हमास के बीच जारी जंग का असर अमेरिका की सियासत पर भी पड़ रहा है। 9 स्विंग स्टेट्स (जहां वोटर का मूड भांपना मुश्किल) के मुस्लिम नेताओं ने इजराइल को समर्थन देने के लिए प्रेसिडेंट जो बाइडेन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इन नेताओं ने बाइडेन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। इनका कहना है क
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अमेरिका की सियासत पर भी पड़ रहा है इजराइल और हमास के बीच जारी जंग का असर
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इजराइल और हमास के बीच जारी जंग का असर अमेरिका की सियासत पर भी पड़ रहा है। 9 स्विंग स्टेट्स (जहां वोटर का मूड भांपना मुश्किल) के मुस्लिम नेताओं ने इजराइल को समर्थन देने के लिए प्रेसिडेंट जो बाइडेन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
इन नेताओं ने बाइडेन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। इनका कहना है कि वो बाइडेन को दोबारा प्रेसिडेंट नहीं बनने देंगे और अब बाइडेन को व्हाइट हाउस से निकालने का वक्त आ गया है।
इजराइल और हमास की जंग शुरू होने के बाद अमेरिका में मुस्लिम नेताओं ने एक नया संगठन बनाया। इनका नारा है अब बाइडेन को अकेला छोड़ दो। इसके नेता जलाई हुसैन ने शनिवार को मिशिगन की रैली में कहा- हम ऐलान करते हैं कि बाइडेन 2024 का प्रेसिडेंशियल इलेक्शन पहले ही हार चुके हैं।
इस संगठन में एरिजोना, मिशिगन, मिनेसोटा, विस्कॉनसिन, फ्लोरिडा, जॉर्जिया, नेवादा, नॉर्थ कैरोलिना और पेन्सिलवेनिया के मुस्लिम नेता शामिल है। यहां इस समुदाय की आबादी अच्छी-खासी है। एक नेता हसन सिबली ने कहा- हम बाइडेन को जिता सकते हैं तो याद रखिए हरा भी सकते हैं। वो न तो सीजफायर करा पाए और न गाजा के बेकसूर लोगों की जान बचा सके। हम उन्हें नरसंहार कराने वाला प्रेसिडेंट मानते हैं।
सिबली ने आगे कहा- गाजा में 10 हजार बच्चे मारे जा चुके हैं। इसलिए अब बाइडेन को व्हाइट हाउस में रहने का एक और मौका नहीं दिया जा सकता। वो इस नरसंहार के दोषी है। ग्लोबल स्टडीज के प्रोफेसर और मुस्लिम नेता हसन अब्दुल सलाम ने कहा- बाइडेन को देखना चाहिए कि हमारे पास 111 इलेक्टोरल वोट्स हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में करीब 30 लाख 45 हजार मुस्लिम रहते हैं। आमतौर पर इन्हें डेमोक्रेट पार्टी का समर्थक माना जाता है। अक्टूबर के आखिर में एक सर्वे किया गया था। इसके नतीजे बताते हैं कि इजराइल का समर्थन करने की वजह से बाइडेन और उनकी डेमोक्रेट पार्टी मुस्लिमों से दूर होते जा रहे हैं। खास बात ये है कि 17% अरब मूल के अमेरिकी नागरिकों ने 2024 में बाइडेन के समर्थन की बात कही। 2020 में यह आंकड़ा 60% था।
इस नजरिए से देखें तो मुस्लिमों के बीच डेमोक्रेट्स का समर्थन 42% कम हुआ है। 9 स्विंग स्टेट्स की वजह से ही बाइडेन 2020 में उस वक्त के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को हराने में कामयाब रहे थे।
मिसाल के तौर पर मिशिगन को ही ले लीजिए। अमेरिकी जनगणना विभाग के मुताबिक इस राज्य में 2 लाख 77 हजार अरब मुस्लिम अमेरिकी वोटर हैं। 2020 में इसी राज्य में कामयाबी के चलते बाइडेन ने इतिहास रचा था। इस पूरे मामले में एक मुस्लिम नेता का बयान हैरान करता है। जलाई हुसैन के मुताबिक हम ट्रम्प का भी समर्थन नहीं करेंगे। रिपोर्ट में सवाल उठाया गया है कि अगर वो बाइडेन (डेमोक्रेट) और ट्रम्प (रिपब्लिकन) दोनों का समर्थन नहीं करेंगे तो फिर किसका समर्थन करेंगे।