वो तो में तुम्हें सुंदर लगूं इसलिये , पढ़िए मजेदार चुटकुले
पति-पत्नी एक ही प्लेट में गोलगप्पे खा रहे थे। एक दूसरे की आँख में आँख डाले पत्नी ने रोमांटिक हो कर पूछा ! “ऐसे क्या देख रहे हो जी?” पति: थोडा आराम से खा, मेरी बारी ही नहीं आ रही। .......................................................................................................................
By
Arpit Yadav
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Published
15 April 2019, 12:05 PM
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पति-पत्नी एक ही प्लेट में गोलगप्पे खा रहे थे।एक दूसरे की आँख में आँख डाले पत्नी ने रोमांटिक हो कर पूछा !“ऐसे क्या देख रहे हो जी?”पति: थोडा आराम से खा, मेरी बारी ही नहीं आ रही।
............................................................................................................................................................2. पत्नी: तुम शराब में बहुत पैसे बरबाद करते हो, अब बंद करोपति: औऱ तुम ब्यूटी पार्लर में 5000 का कबाड़ा करके आती हो उसका क्यापत्नी: वो तो में तुम्हें सुंदर लगूं इसलिये…पति: पगली तो में भी तो इसलिये पीता हूं कि तू मुझे सुंदर लगे...........................................................................................................................................................3. बाबू- साहब, आप ऑफिस में शादीशुदा आदमियों को ही क्यों रखते हो?साहब- क्योंकि उहे बेइज़्ज़ती सहने की आदत होती है और घर जाने की जल्दी भी नहीं होती.............................................................................................................................................................4. पति- तेरे बाप की जले पे नमक छिड़कने की आदत गयी नहीं।पत्नी- क्यों क्या हुआ?पति- आज फिर से पूछ रहा था कि मेरी बेटी से शादी करके खुश तो हो ना?.............................................................................................................................................................5. दिल छू लेने वाली कहानी …पति और पत्नी घूमने निकले।टहलते समय पति एक पत्थर से टकरा गया और उसका खून बहने लगा।उसने अपनी पत्नी की तरफ देखा इस उम्मीद में की वो अपना दुपट्टा फाड़ेगी और उसके घाव पे बाँध देगी..पत्नी ने पति की आँखों में देखा और बोली“सोचना भी मत…डिज़ाइनर पीस है.............................................................................................................................................................