Monday, 14 September 2026 | 6:33 PM
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कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें: खरगे बोले-डीके का दिल्ली दौरा महज प्रशासनिक, मई क्रांति सिर्फ अफवाह

कर्नाटक में एक बार फिर नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा तेज है। इस बीच उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के अचानक हुए दिल्ली दौरे को लेकर बयानबाजी शुरू हो गई है। हालांकि, अब कैबिनेट मंत्री प्रियांक खरगे ने सरकार और पार्टी का रुख स्पष्ट किया है। ग्रामीण विकास मंत्री प्रियांक खरगे ने उन तमाम अटकलों को खारिज कर दिय
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कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें: खरगे बोले-डीके का दिल्ली दौरा महज प्रशासनिक, मई क्रांति सिर्फ अफवाह
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कर्नाटक में एक बार फिर नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा तेज है। इस बीच उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के अचानक हुए दिल्ली दौरे को लेकर बयानबाजी शुरू हो गई है। हालांकि, अब कैबिनेट मंत्री प्रियांक खरगे ने सरकार और पार्टी का रुख स्पष्ट किया है। ग्रामीण विकास मंत्री प्रियांक खरगे ने उन तमाम अटकलों को खारिज कर दिया, जिनमें नेतृत्व परिवर्तन की बात कही जा रही थी।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पुत्र प्रियांक खरगे ने उपमुख्यमंत्री शिवकुमार की रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ हुई मुलाकात का पुरजोर बचाव किया। उन्होंने कहा कि एक उपमुख्यमंत्री का केंद्रीय मंत्री से मिलना पूरी तरह संवैधानिक और प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने पूछा, 'क्या एक उपमुख्यमंत्री को केंद्रीय मंत्रियों से मिलने का अधिकार नहीं है? वह बंगलूरू की लंबित विकास योजनाओं और राज्य के हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने दिल्ली गए थे।' खरगे ने कहा कि जब आम कार्यकर्ता भी बड़े नेताओं से मुलाकात करते हैं, तो एक वरिष्ठ संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की मुलाकात को विवाद का रूप देना समझ से परे है।

प्रियांक खरगे ने कहा कि भाजपा हर बात में विवाद ढूंढने की कोशिश करती है। उन्होंने एक काउंटर-सवाल करते हुए पूछा कि यदि कांग्रेस का कोई नेता आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात करता है, तो क्या भाजपा इसी तरह के सवाल खड़े करेगी? उन्होंने कहा कि भाजपा विकास के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की नेतृत्व संबंधी अफवाहों को हवा देती है।

राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर विराम लगाते हुए प्रियांक खरगे ने कहा कि कांग्रेस एक अनुशासित पार्टी है। उन्होंने कहा, 'पार्टी के भीतर किसी भी तरह का कोई भ्रम नहीं है। नेतृत्व से जुड़े सभी निर्णय राहुल गांधी और एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जैसे शीर्ष नेता ही लेते हैं। खरगे साहब के रहते इन फैसलों पर किसी और के हस्तक्षेप की गुंजाइश ही नहीं है।

उन्होंने 'मई क्रांति' या अप्रैल के अंत में होने वाले किसी बड़े राजनीतिक उलटफेर की अफवाहों पर चुटकी लेते हुए कहा, 'लोग 24 अप्रैल और 25 अप्रैल की भविष्यवाणियां कर रहे थे, वे तारीखें भी गुजर गईं। राज्य में कोई तथाकथित क्रांति नहीं होने वाली है, सरकार पूरी तरह स्थिर है।'