Monday, 14 September 2026 | 6:24 PM
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शाहजहांपुर: पलिया जाने बाले स्टेट हाइवे मार्ग पर टूटी सड़क से गुजरते वाहन

शाहजहांपुर: खुमार सूूबे में भाजपा सरकार से लोगों को काफी उम्मीदें बंधी कि सड़कों और हाईवे की दुर्दशा अब बीते दिन की बात हो जाएगी। अब हाईवे की सूरत बदल जाएगी। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी भी सत्ता में आते ही सड़कों को छह माह के अंदर गड्ढा मुक्त करने का दावा किया। हकीकत है कि मुख्यमंत्री का दावा भी कागज
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शाहजहांपुर: पलिया जाने बाले स्टेट हाइवे मार्ग पर  टूटी सड़क से गुजरते वाहन
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शाहजहांपुर: खुमार सूूबे में भाजपा सरकार से लोगों को काफी उम्मीदें बंधी कि सड़कों और हाईवे की दुर्दशा अब बीते दिन की बात हो जाएगी। अब हाईवे की सूरत बदल जाएगी। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी भी सत्ता में आते ही सड़कों को छह माह के अंदर गड्ढा मुक्त करने का दावा किया। हकीकत है कि मुख्यमंत्री का दावा भी कागजों का पेट भरने तक सीमित रह गया। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण सड़कों की स्थिति बद से बदतर हो गई। इस बीच रही सही कसर बारिश ने सड़कों की सूरत बिगाड़ कर पूरी कर दी। जिले में कहने के लिए यह नेशनल हाईवे हैं, लेकिन हैं गांव के रास्तों से भी बदतर। सड़क दिखाई नहीं देती। पता नहीं चलता कि गड्ढों में सड़क है, या सड़क में गड्ढे। कुछ ऐसी हालात है खुटार से पलिया कलां की ओर जाने बाले स्टेट हाइवे पर गांव कढैया के पास स्टेट हाइवे पर बहुत ही गहरे गड्ढे हो गये हैं।जिस कारण आये दिन बहां बड़े वाहन फस जाते है।और जाम की समस्या बनी रहती हैं।गुरुवार को उधर से गुजर रहे भूसी से भरा ओवरलोड ट्रक उन गढ्ढो में फस गया जिससे इधर उधर वाहनों की लंबी कतारें लग गई।लेकिन लोक निर्माण विभाग के अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे।गहरे गड्डों की बजह से कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इससे पूर्व भी वहां कई बाइक सवार गड्ढों में गिरकर घायल हो चुके हैं।गहरे गड्डो के कारण उधर से गुजरने बाले बड़े वाहनों का पलटने का खतरा भी बना रहता है।सड़क के किनारे ही आबादी है लोगों के घर बने हुए हैं जल्द ही इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो कोई अप्रिय घटना घट सकती है। यह हाईवे जनपद खीरी के पलिया कला तक बना हुआ है वहीं से नेपाल की सीमा सटी हुई है इस हाईवे पर वाहनों का आवागमन बहुत ज्यादा बना रहता है।ग्रामीणों की शिकायत पर गड्ढों भरे गए थे पर घटिया सामग्री के प्रयोग के कारण वह एक बरसात में ही उखड़ गये और फिर गहरे गहरे गड्ढे हो गए।
रिपोर्ट रामगोपाल कुशवाहा पीलीभीत