Monday, 14 September 2026 | 6:22 PM
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मल्लिकार्जुन खड़गे के आरोपों को राज्यसभा सचिवालय ने किया खारिज

राज्यसभा में विपक्षी सांसदों के निलंबन को लेकर संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान मचा घमासान अब सत्र के बाद भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस बयान पर राज्यसभा सचिवालय ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है, जिसमें उन्होंने सभापति
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मल्लिकार्जुन खड़गे के आरोपों को राज्यसभा सचिवालय ने किया खारिज
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राज्यसभा में विपक्षी सांसदों के निलंबन को लेकर संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान मचा घमासान अब सत्र के बाद भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस बयान पर राज्यसभा सचिवालय ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है, जिसमें उन्होंने सभापति पर निलंबन वापसी से पल्ला झाड़ लेने का आरोप लगाया है। राज्यसभा सचिवालय ने पूरे मामले की समीक्षा करने के बाद इस आरोप को सिरे से खारिज किया है। साथ ही कहा है कि निलंबित 12 विपक्षी सांसदों को माफी मांग लेने के बाद निलंबन वापस लेने का प्रस्ताव दिया गया था।
इसके लिए संसद की पुरानी परंपराओं का हवाला भी दिया गया था। लेकिन शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन तक बात नहीं बन पाई थी। शीतकालीन सत्र विपक्ष के हंगामा की भेंट चढ़ गया था। विपक्षी दल जहां निलंबन को गलत करार देते हुए उन्हें तत्काल बहाल करने की मांग पर अड़े हुए थे, वहीं सत्तापक्ष विपक्ष के समक्ष सदन में माफी मांगने का प्रस्ताव रखा था। जबकि सभापति एम. वेंकैया नायडू ने विपक्ष और सत्तापक्ष को एक साथ बैठ कर समस्या का समाधान निकालने की सलाह दी थी।
नायडू लगातार यह प्रस्ताव देते रहे। सदन का गतिरोध समाप्त करने के लिए सभापति की ओर से यह प्रस्ताव भी आया था कि निलंबित सदस्यों की ओर से नेता प्रतिपक्ष उनकी गलतियों के लिए सदन में माफी मांग लें तो भी बात बन सकती है। लेकिन उसी समय एक और समस्या उठ खड़ी हुई कि निलंबित सदस्यों से संबद्ध कुछ पार्टियां नेता प्रतिपक्ष के माफी मांगने से सहमत नहीं थे। लिहाजा यह प्रस्ताव धरा रह गया। इसके बाद भी सभापति ने अपनी कोशिशें जारी रखीं और उन्होंने ऐसी सभी पार्टियों के नेताओं से सदन में अपनी बात रखते हुए 11 अगस्त की घटना के लिए माफी लेने का सुझाव दिया। लेकिन विपक्षी दल के नेताओं में आमराय नहीं बन पाई। सभापति ने सत्तापक्ष से निलंबन वापसी के लिए सदन में प्रस्ताव पेश करने को भी कहा, जिसमें संबंधित पार्टियों के नेता अपना पक्ष रखते हुए माफी मांग लें।