Monday, 14 September 2026 | 6:17 PM
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मनरेगा में बदलाव के खिलाफ पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव हुआ पारित

मनरेगा में बदलाव के खिलाफ पंजाब सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया है. इस दौरान बीजेपी के दो विधायक सदन में मौजूद नहीं थे. पंजाब विधानसभा में मनरेगा में बदलाव के खिलाफ प्रस्ताव पर बहस के दौरान जब मुख्यमंत्री भगवंत मान बोल रहे थे तो कांग्रेस विधायक सुखपाल
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मनरेगा में बदलाव के खिलाफ पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव हुआ पारित
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मनरेगा में बदलाव के खिलाफ पंजाब सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया है. इस दौरान बीजेपी के दो विधायक सदन में मौजूद नहीं थे.

पंजाब विधानसभा में मनरेगा में बदलाव के खिलाफ प्रस्ताव पर बहस के दौरान जब मुख्यमंत्री भगवंत मान बोल रहे थे तो कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने बीच में बार बार टोका, इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें बाहर करने के लिए कहा. फिर मार्शलों ने खैरा को खींचकर सदन से बाहर किया.

वहीं बीजेपी की पंजाब इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर केंद्र के विकसित भारत-जी राम जी कानून का विरोध करने के लिए सरकारी तंत्र का 'दुरुपयोग' करने का आरोप लगाया.

अश्वनी शर्मा ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के कामगारों को गुमराह कर रही है और ग्राम स्तरीय अधिकारियों के माध्यम से उनसे विरोध पत्र पर हस्ताक्षर करवाकर नए कानून का 'झूठा विरोध' दिखा रही है। उन्होंने दावा किया कि कामगारों को इस तरह के फॉर्म पर हस्ताक्षर करने के लिए गुमराह किया जा रहा है.

शर्मा ने कहा कि विकसित भारत-गारंटी रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम (वीबी-जी राम जी) ग्रामीण कामगारों को 100 दिन के बजाय 125 दिन का रोजगार प्रदान करता है और समय पर काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता भी सुनिश्चित करता है.