Monday, 14 September 2026 | 5:38 PM
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फर्रुखाबाद में 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदान केंद्रों का होगा पुनर्गठन, 2 नए मतदेय स्थल बनेंगे, 32 का होगा समायोजन

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 30 जून 2026 आगामी वर्ष 2027 में प्रस्तावित उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत जिला प्रशासन ने मतदान केंद्रों (मतदेय स्थलों) के पुनर्गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिन मतदेय स्थलों पर 1200 से अधिक मतदाता हैं, उनका विभाजन
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फर्रुखाबाद में 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदान केंद्रों का होगा पुनर्गठन, 2 नए मतदेय स्थल बनेंगे, 32 का होगा समायोजन
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 30 जून 2026 आगामी वर्ष 2027 में प्रस्तावित उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत जिला प्रशासन ने मतदान केंद्रों (मतदेय स्थलों) के पुनर्गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिन मतदेय स्थलों पर 1200 से अधिक मतदाता हैं, उनका विभाजन किया जाएगा, जबकि कम मतदाताओं वाले कुछ केंद्रों का समायोजन भी किया जाएगा।

इसी संबंध में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी अरुण कुमार सिंह सहित प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

निर्वाचन आयोग की समयबद्ध कार्ययोजना

बैठक में जिलाधिकारी ने निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 24 से 28 जून तक मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन और नए भवनों का चिन्हांकन किया गया है। 29 जून से 1 जुलाई तक राजनीतिक दलों से सुझाव लिए जा रहे हैं। 4 जुलाई को मतदेय स्थलों की प्रारूप (आलेख्य) सूची प्रकाशित होगी, जिस पर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। सभी आपत्तियों के निस्तारण के बाद 18 जुलाई तक सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा तथा 31 जुलाई तक प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से निर्वाचन आयोग को भेज दिया जाएगा।

जिले में 1642 मतदान केंद्र, 2 नए बनेंगे

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिले में वर्तमान में 1642 मतदेय स्थल हैं। इनमें केवल दो मतदान केंद्र ऐसे हैं जहां मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक होने के कारण नए मतदेय स्थल बनाए जाएंगे।

फर्रुखाबाद विधानसभा क्षेत्र में 1 नया मतदेय स्थल प्रस्तावित है।

भोजपुर विधानसभा क्षेत्र में भी 1 नया मतदेय स्थल प्रस्तावित है।

इसके अलावा मतदाताओं की संख्या कम होने के कारण 32 मतदेय स्थलों का समायोजन प्रस्तावित किया गया है। इनमें फर्रुखाबाद विधानसभा के 24 तथा भोजपुर विधानसभा के 8 मतदेय स्थल शामिल हैं। वहीं अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र में भौतिक सत्यापन के दौरान एक भवन जर्जर पाया गया, जिसे अन्य उपयुक्त भवन में स्थानांतरित किया जाएगा।

मतदेय स्थलों के निर्धारण के लिए तय किए गए प्रमुख मानक

बैठक में निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि—

प्रत्येक मतदेय स्थल का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन किया जाएगा।

किसी भी परिवार के सदस्यों को अलग-अलग मतदान केंद्रों में नहीं बांटा जाएगा।

मतदाताओं को अनावश्यक रूप से दो किलोमीटर से अधिक दूरी तय न करनी पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।

जर्जर भवनों में संचालित मतदान केंद्रों को स्थायी और सुरक्षित भवनों में स्थानांतरित किया जाएगा।

किसी भी राजनीतिक दल या श्रमिक संगठन के कार्यालय से 200 मीटर के भीतर मतदान केंद्र स्थापित नहीं किया जाएगा।

300 से कम मतदाताओं वाले मतदान केंद्र केवल विशेष परिस्थितियों में ही बनाए रखे जाएंगे और उसके स्पष्ट कारण दर्ज किए जाएंगे।

मतदान केंद्रों की नई सूची विधानसभावार क्रम संख्या के अनुसार तैयार की जाएगी तथा सहायक मतदेय स्थल समाप्त किए जाएंगे।

4 जुलाई को जारी होगी प्रारूप सूची

बैठक में बताया गया कि 4 जुलाई को मतदेय स्थलों की प्रारूप सूची प्रकाशित कर राजनीतिक दलों, सांसदों, विधायकों तथा आम नागरिकों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। सभी सुझावों के परीक्षण और निस्तारण के बाद अंतिम सूची तैयार की जाएगी। यह सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी अपलोड की जाएगी ताकि आमजन भी अपने सुझाव दे सकें।

राजनीतिक दलों से मांगे गए सुझाव

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि यदि मतदेय स्थलों के विभाजन, समायोजन अथवा स्थान परिवर्तन को लेकर कोई सुझाव या आपत्ति हो तो प्रारूप सूची प्रकाशित होने से पहले अथवा निर्धारित अवधि के भीतर जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध करा दें।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों का सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से मतदान केंद्रों का पुनर्गठन पूरी पारदर्शिता और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाएगा।