सड़क बरसात से कीचड़ में तब्दील हो गई। जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि सड़क पर चलने वाले को पहले खुद को कीचड़ से सराबोर करना पड़ता है। इसके बाद ही वह कहीं जा सकता है।ग्रामीणों का कहना है कि सड़क कच्ची है आज तक नही वन सकी।बारिश शुरू होते ही जनप्रतिनिधियों के दावों की पोल खुलने लग जाती है।सडक का निर्माण कराने की मांग की है।
थाना सेहरामऊ उत्त्तरी गांव की मुख्य सड़क के जर्जर होने से राहगीरों का चलना काफी दुश्वार हो गया है। इन जर्जर सड़कों से कई राहगीरों के चोटिल हो जाने की आंशका बनी रहती है।विगत कई वर्षों से सड़क गड्ढे में है, या गड्ढे में सड़क वाहन चालकों को पता ही नहीं चलता है।इस कारण यूपी सरकार की गड्ढामुक्त सड़क योजना खोखली साबित होती नजर आ रही है।थाने को जाने वाली मेन सड़क काफी समय से जर्जर अवस्था में है। सड़क पर बड़े बड़े गड्ढे हो गए है।जिसमे पानी भर जाने से आने जाने वालों का निकलना मुश्किल हो गया है।इसी सड़क से प्रतिदिन पुलिस की गाड़ी भी निकलती है।थाने के पुलिसकर्मियों को भी इसी सड़क पर भरे पानी से होकर गुजरना पड़ता है।सेहरामऊ गाँव होते हुए सेहरामऊ थाने जाने वाली सड़क की हालत पूरी तरह से जर्जर है। सड़क पूरी तरह से टूटकर गड्ढों में तब्दील हो गई है। बारिश होने से सड़क पर भारी मात्रा में जलभराव हो गया है। जिससे सड़क पर कीचड़ का अंबार लगा हुआ है। सड़क पर बड़े बड़े गड्ढों में पानी भर जाने से थाने जाने वाले फरियादियों का व सड़क से गुजरने वाले राहगीरों को भारी समस्यायों का सामना करना पड़ रहा है। यह सड़क कई वर्षों से जर्जर अवस्था मे है। लेकिन जिम्मेदार इस पर कोई ध्यान नही दे रहे है। इसी सड़क से जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों का थाना जाने के लिए आना जाना लगा रहता है। सड़क जर्जर होने के कारण लोग सड़क पर भरे पानी से निकलने को मजबूर है। सड़क पर बड़े बड़े गड्ढों होने के कारण हादसा होने की आंशका बनी रहती है।लेकिन इस पूरे मामले से जिम्मेदार मौन धारण किये हुए है।क्षेत्र के पवन कुमार,बृजेश कुमार, रोहित,श्रीराम,गिरधारी लाल,बाबू राम,विपिन कुमार, बलजीत सिंह,बलजीत सिंह,जगतार सिंह सहित दर्जनों लोगों ने लोक निर्माण विभाग को पत्र भेजकर सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है।
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पीलीभीत :ग्रामीणों ने सडक का निर्माण कराने की मांग कीकिया
सड़क बरसात से कीचड़ में तब्दील हो गई। जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि सड़क पर चलने वाले को पहले खुद को कीचड़ से सराबोर करना पड़ता है। इसके बाद ही वह कहीं जा सकता है।ग्रामीणों का कहना है कि सड़क कच्ची है आज तक नही वन सकी।बारिश शुरू होते ही जनप्रतिनिधियों के दावों की पो
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