Monday, 14 September 2026 | 6:25 PM
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पीलीभीत : बी-पैक्स- सहकारी समितिकी बैठक निजामपुर में संपन्न हुई

पीलीभीत बी-पैक्स- सहकारी समिति सुल्तानपुर गाँव निजामपुर विकासखंड पूरनपुर में समिति अध्यक्ष वीरेंद्र वर्मा की अध्यक्षता में एक किसान सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि विज्ञान केंद्र टांडा विजैसी पीलीभीत के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर शैलेंद्र सिंह ढाका रहे। उप महा प्रबंधक विपणन इफको पी
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पीलीभीत : बी-पैक्स- सहकारी समितिकी बैठक निजामपुर में संपन्न हुई
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पीलीभीत बी-पैक्स- सहकारी समिति सुल्तानपुर गाँव निजामपुर विकासखंड पूरनपुर में समिति अध्यक्ष वीरेंद्र वर्मा की अध्यक्षता में एक किसान सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि विज्ञान केंद्र टांडा विजैसी पीलीभीत के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर शैलेंद्र सिंह ढाका रहे। उप महा प्रबंधक विपणन इफको पीलीभीत ब्रजवीर सिंह, डॉ० अशोक चैधरी भूमि संरक्षण निरीक्षक पीलीभीत,एस एफ ए,अंकुर कुमार,एवं समिति के सचिव ओंकार नाथ दूबे उपस्थित रहे।
इस किसान सभा में बोलते हुए उप महाप्रबंधक विपणन इफको पीलीभीत ब्रजवीर सिंह के द्वारा, नैनो उर्वरकों के बारे मे सभी किसान भाइयों को नैनो उर्वरकों के प्रति जागरूक किया गया। नैनो उर्वरकों के प्रयोग से फसलों को होने वाले लाभ के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी भी दी गई। नैनो उर्वरकों के प्रयोग से किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। दानेदार उर्वरकों की अपेक्षा, नैनो उर्वरक सस्ते भी पढ़ते हैं। नैनो उर्वरकों के प्रयोग से मिट्टी की गुणवत्ता भी अच्छी बनी रहती है। विशेष कर नैनो उर्वरकों के फसलों में इस्तेमाल एवं प्रयोग विधि के बारे में किसानों को विस्तृत तरीके से बताया गया। नैनो उर्वरकों के प्रयोग से जल प्रदूषण में एवं मिट्टी प्रदूषण और वातावरण को भी प्रदूषित नहीं करते हैं। नैनो डीएपी तरल के प्रयोग से जड़ों का विकास अधिक होता है। जिससे पौधों का विकास अधिक होता है फसलों को भरपूर पोषक तत्व मिलते हैं। और फसलों का शीघ्र जमाव होता है। उत्पादकता में वृद्धि होती है। यह महत्वपूर्ण जानकारी सभा में उपस्थित सभी किसान भाइयों को दी गई।
इसी क्रम में कृषि विज्ञान केंद्र पीलीभीत के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर शैलेंद्र सिंह ढाका जी द्वारा,सभी फसलें जैसे, धान, गेहूँ, गन्ना, एवं मक्का आदि फसलों पर लगने वाले कीट एवं बीमारियों से बचाव से संबंधित विस्तृत जानकारी सभा में उपस्थित किसानों को दी गई। एवं खड़ी फसलों में फास्फेटिक उर्वरकों को न डालने की सलाह दी गई। फास्फेटिक उर्वरकों की जगह पर खड़ी फसलों में नैनो उर्वरकों का प्रयोग एक बहुत ही बेहतर विकल्प है। एवं खड़ी फसलों पर जल विलय उर्वरक जैसे एनपीके, 19,19,19, व 0,52,34,व 0,0,50, आदि का छिड़काव कर सकते हैं।
कार्यक्रम में कृषि विभाग से डॉक्टर अशोक चैधरी जी के द्वारा,अपने विभाग से संबंधित चलाई किसानों के लिए चलाई जा रही विभिन्न प्रकार की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। एस० एफ०ए०, अंकुर कुमार ने भी किसान सभा में उपस्थित सभी किसान भाइयों को नैनो कॉपर, नैनो जिंक, एवं जल विलय उर्वरकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। किसान सभा कार्यक्रम में लगभग 60-70 किसान उपस्थित रहे।