Monday, 14 September 2026 | 6:21 PM
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नासा के वैज्ञानिकों को मिला दूसरे ब्रह्मांड होने का सबसे बड़ा सबूत,

पूरे विश्व में हर देश के वैज्ञानिक अपनी रात दिन महनेत करने के बाद आज एक बड़ी सफलता पाय है। बता दे की अब नासा के वैज्ञानिक ने समानांतर ब्रह्मांड ढूंढा है। बता दें कि वहां के भौतिक नियम हमारे संसार से बिल्कुल उल्टे हैं। वहां समय आगे चलने के बजाय पीछे की ओर चलता है। यानी कि समय वहां पर उल्टा चलता है। न
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नासा के वैज्ञानिकों को मिला दूसरे ब्रह्मांड होने का सबसे बड़ा सबूत,
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पूरे विश्व में हर देश के वैज्ञानिक अपनी रात दिन महनेत करने के बाद आज एक बड़ी सफलता पाय है। बता दे की अब नासा के वैज्ञानिक ने समानांतर ब्रह्मांड ढूंढा है। बता दें कि वहां के भौतिक नियम हमारे संसार से बिल्कुल उल्टे हैं। वहां समय आगे चलने के बजाय पीछे की ओर चलता है। यानी कि समय वहां पर उल्टा चलता है।

नासा के वैज्ञानिकों ने अंटार्कटिका (Antarctica) में किए जा रहे प्रयोग में अंटार्कटिका से ऊपर जाने के लिए रेडियो डिटेक्टर लगे एक बड़े गुब्बारे का इस्तेमाल किया था। नासा के इस रेडियो डिटेक्टर का नाम अंटार्कटिका इम्पल्सिव ट्रांजिएंट एंटीना (ANITA) है। वैज्ञानिकों का मानना है कि अंटार्कटिका पर किरणों का व्यवधान कम से कम होगा। बता दें कि इसके अलावा नाही यहां पर ध्वनि प्रदूषण है और ना ही वायु प्रदूषण है।

इस शोध में वैज्ञानिकों ने यह प्राप्त किया कि, हाई एनर्जी के कण लगातार हवा के माध्यम से अंतरिक्ष से धरती पर लगातार गिरते जा रहे हैं। हाई-एनर्जी कणों को केवल अंतरिक्ष से 'नीचे' आने का पता लगाया जा सकता है, लेकिन वैज्ञानिकों की टीम ने उन भारी कणों का पता लगाया है जो पृथ्वी के 'ऊपर' से आते हैं, जिसका एक ही मतलब बनता है कि, यह कण वास्तव में धरती के एक समानांतर ब्रह्मांड होने का प्रमाण देते हैं, जहां पर समय उल्टा चलता है। जानकारी दे दें कि वैज्ञानिकों के इंशोध पढ़ लो उतने भी सहमत नहीं है जितना होना भी चाहिए था।

इस रिपोर्ट में यह साफ तौर पर बताया जा रहा है कि बिग बैंग के समय में दो ब्रह्मांड उत्पन्न हुए थे। एक ब्रह्मांड वो जिस ब्रह्मांड में हम रहते हैं और एक ब्रह्मांड वह जो ब्रह्मांड पीछे चल रहा है।