नरेंद्र मोदी भारतीय राजनीति के प्रमुख नेताओं में से एक हैं और वर्तमान में भारत के प्रधानमंत्री के रूप में तीसरे कार्यकाल में हैं। उन्होंने 9 जून 2024 को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इससे पहले वह 2014 और 2019 में प्रधानमंत्री बने थे।
नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के मेहसाणा जिले के वडनगर में हुआ था। उनके पिता का नाम दामोदरदास मूलचंद मोदी और माता का नाम हीराबेन मोदी था। प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक जीवनी के अनुसार, उनका बचपन एक साधारण परिवार में बीता और शुरुआती जीवन में उन्होंने परिवार की आर्थिक परिस्थितियों के बीच पढ़ाई के साथ परिवार के काम में भी सहयोग किया।
वडनगर से शुरू हुआ सफर : वडनगर नरेंद्र मोदी के जीवन का शुरुआती आधार रहा। आधिकारिक जीवनी के अनुसार, बचपन से ही उन्हें पढ़ने और बहस में रुचि थी। वह स्थानीय पुस्तकालय में समय बिताते थे और स्वामी विवेकानंद के विचारों से भी प्रभावित हुए।
किशोरावस्था के बाद उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों की यात्रा की। बाद में अहमदाबाद पहुंचे और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े। 1970 के दशक में उन्होंने संघ में प्रचारक के रूप में काम किया। आपातकाल के दौर में भी उन्होंने लोकतंत्र की बहाली से जुड़े आंदोलन में भाग लिया।
राजनीति में प्रवेश : 1980 के दशक में नरेंद्र मोदी ने संगठन के स्तर पर कई जिम्मेदारियां संभालीं। वर्ष 1987 में उन्होंने गुजरात में भारतीय जनता पार्टी के संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी शुरू की। इसके बाद उनका राजनीतिक और संगठनात्मक प्रभाव लगातार बढ़ता गया। 1995 के गुजरात विधानसभा चुनावों में भाजपा की सफलता के पीछे उनके संगठन कौशल की भी महत्वपूर्ण भूमिका बताई जाती है। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा संगठन में जिम्मेदारियां संभालीं और हरियाणा तथा हिमाचल प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में पार्टी के संगठनात्मक काम को देखा।
गुजरात के मुख्यमंत्री बने : नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन में बड़ा बदलाव वर्ष 2001 में आया, जब उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री का पद संभाला। वह अक्टूबर 2001 से मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में शासन, बुनियादी ढांचे और विकास से जुड़े मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल ने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में एक प्रमुख नेता के रूप में स्थापित किया। इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में आगे किया।
2014 में प्रधानमंत्री बने : 2014 का लोकसभा चुनाव नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा में पूर्ण बहुमत हासिल किया और 26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में पहली बार शपथ ली।
प्रधानमंत्री के रूप में उनके पहले कार्यकाल में जनधन योजना, स्वच्छ भारत मिशन, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस जैसे अभियानों एवं पहलों पर जोर दिया गया। इनमें से कई कार्यक्रमों को केंद्र सरकार ने व्यापक स्तर पर लागू किया।
2019 में दूसरी बार प्रधानमंत्री : 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर पूर्ण बहुमत हासिल किया। इसके बाद नरेंद्र मोदी ने दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। उनका दूसरा कार्यकाल कई बड़े राजनीतिक और नीतिगत फैसलों के लिए चर्चा में रहा।
इसी अवधि में अनुच्छेद 370 से संबंधित संवैधानिक बदलाव, नागरिकता संशोधन कानून, कोविड-19 महामारी के दौरान सरकारी प्रयास, आत्मनिर्भर भारत अभियान और विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं राष्ट्रीय चर्चा का हिस्सा बनीं।