Monday, 14 September 2026 | 6:18 PM
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मनसे ने लगाए पोस्टर्स, मुंबई में 'नो मराठी नो अमेज़न'

मुंबई : अमेज़न के खिलाफ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की लड़ाई ने और भी आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। मनसे ने पूरे मुंबई में अमेज़न के खिलाफ पोस्टर वार छोड़ दिया है। मनसे के पोस्टर पर लिखा है कि नो मराठी नो अमेज़न कुछ दिनों पहले मनसे के नेताओं ने अमेज़न समेत कई ई-कॉमर्स वेबसाइट पर मराठी भाषा को भी जगह देन
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मनसे ने लगाए पोस्टर्स, मुंबई में 'नो मराठी नो अमेज़न'
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मुंबई : अमेज़न के खिलाफ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की लड़ाई ने और भी आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। मनसे ने पूरे मुंबई में अमेज़न के खिलाफ पोस्टर वार छोड़ दिया है। मनसे के पोस्टर पर लिखा है कि नो मराठी नो अमेज़न कुछ दिनों पहले मनसे के नेताओं ने अमेज़न समेत कई ई-कॉमर्स वेबसाइट पर मराठी भाषा को भी जगह देने का अनुरोध किया था। मनसे नेता अखिल चित्रे द्वारा मुंबई के बांद्रा पूर्व, बांद्रा पश्चिम, अंधेरी, बांद्रा रिक्लेमेशन और माहिम में ये पोस्टर्स लगाए हैं। मनसे ने कहा था कि अगर अमेज़न को महाराष्ट्र की भाषा मान्य नहीं है तो हमको भी अमेज़न महाराष्ट्र में नहीं चाहिए। मनसे की इस मांग पर अमेज़न क्या प्रतिक्रिया देता है इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

कुछ दिनों पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के पदाधिकारियों ने अमेज़न और फ्लिपकार्ट के मुंबई में बीकेसी स्थित दफ्तरों पर जाकर उनसे कहा था कि मराठी भाषा को भी अपनी वेबसाइट में जगह दी जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो मुंबई में व्यापार नहीं करने दिया जाएगा। मनसे का कहना था कि मराठी भाषी लोगों को उनकी भाषा में ही सामान खरीदने की जानकारी मिलनी चाहिए ताकि उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत ना हो।

अमेज़न की डिजिटल सेवा में मराठी भाषा को प्राथमिकता दी जाए। इसलिए मनसे ने ईमेल भेजा था। जिसपर अमेज़न के संस्थापक जेफ बेजोस ने बताया था कि उन्हें आपका ईमेल प्राप्त हुआ है। आपके ईमेल को संबंधित टीम को फॉरवर्ड कर दिया गया है। जिसके बाद अमेज़न के अधिकारियों ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे से मुलाकात की थी।