Monday, 14 September 2026 | 6:32 PM
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लखीमपुर खीरी : डीएम ने झोपड़ी में रहने वाले टॉपर उमाशंकर को पहनाई सफलता की माला, दी बधाई

लखीमपुर खीरी : (द दस्तक 24 न्यूज) यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में 93.60 प्रतिशत अंक हासिल कर जिला टॉप करने वाले झोपड़ी में रहने वाले उमाशंकर के घर जब डीएम अंजनी कुमार सिंह पहुंचे, तो पूरा गांव मानो एक उत्सव में बदल गया। जिला मुख्यालय से करीब 60 किमी का सफर तय कर डीएम सीधे गांव रामनगर बगहा पहु
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लखीमपुर खीरी : डीएम ने झोपड़ी में रहने वाले टॉपर उमाशंकर को पहनाई सफलता की माला, दी बधाई
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लखीमपुर खीरी : (द दस्तक 24 न्यूज) यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में 93.60 प्रतिशत अंक हासिल कर जिला टॉप करने वाले झोपड़ी में रहने वाले उमाशंकर के घर जब डीएम अंजनी कुमार सिंह पहुंचे, तो पूरा गांव मानो एक उत्सव में बदल गया। जिला मुख्यालय से करीब 60 किमी का सफर तय कर डीएम सीधे गांव रामनगर बगहा पहुंचे। घाघरा नदी के किनारे स्थित कच्ची झोपड़ी के सामने जब प्रशासनिक काफिला रुका, तो लोग हैरान रह गए। लेकिन असली भावुक पल तब आया जब जिले के मुखिया खुद खटिया पर बैठ गए और वह भी छप्पर की छांव में। डीएम ने उमाशंकर को अपने पास बैठाया और मिट्टी की सादगी में उसकी दुनिया समझने की कोशिश की। बातचीत सिर्फ बधाई तक सीमित नहीं रही, बल्कि सपनों की गहराई तक पहुंच गई। उमाशंकर ने अपनी लिखी कविताओं और गजलों की कॉपी डीएम को दिखाई। पन्नों पर लिखी सादगी भरी पंक्तियां पढ़ते ही डीएम मुस्कुराए और बोले तुम्हारे शब्दों में मेहनत की खुशबू है। छप्पर की छांव में खटिया पर बैठकर यह संवाद किसी सरकारी कार्यक्रम जैसा नहीं, बल्कि प्रेरणा, आत्मीयता का जीवंत दृश्य बन गया। डीएम ने उमाशंकर की कविताओं को ध्यान से पढ़ा और उसके साहित्यिक हुनर की सराहना करते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ उसकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने में प्रशासन हर कदम पर साथ रहेगा। डीएम ने उमाशंकर से पूछा कि आगे क्या सपना है। जवाब मिला इंजीनियर बनना चाहता हूं। इस पर डीएम ने मुस्कुराते हुए कहा कि अब यह सपना सिर्फ तुम्हारा नहीं, हमारा भी है। प्रशासन तुम्हारी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में पूरा सहयोग करेगा। इससे पहले डीएम ने उमाशंकर को माला पहनाई, मिठाई खिलाई, उपहार दिए और उसके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में मिली यह सफलता और भी मूल्यवान है। डीएम ने उमाशंकर के माता-पिता से भी लंबी बातचीत की और उनके संघर्ष को नमन किया। कहा कि ऐसे ही त्याग और संस्कार बच्चों को ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं। डीएम के पहुंचते ही गांव में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई इस अनोखे पल का गवाह बनना चाहता था। उमाशंकर के घर के बाहर खड़े ग्रामीणों की आंखों में गर्व था। एक ग्रामवासी ने कहा कि आज लगा कि मेहनत सच में पहचानी जाती है। झोपड़ी के आंगन में खड़ा यह दृश्य लंबे समय तक लोगों के दिलों में बस गया। इस दौरान एसडीएम शशिकांत मणि, डीआईओएस विनोद कुमार मिश्र, बीडीओ श्रद्धा गुप्ता सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे।