कोरबा-: बीते वर्षों में साईं प्रसाद एक कंपनी हुआ करता था जिसके तहत गांवों एवं शहरों के लोगों को एजेंट के द्वारा जोड़ा जा रहा था एवं पैसा जमा कराया जा रहा था यह कहकर कि पैसा दोगुना मिलेगा जिसमें आम जनता गरीब भोले-भाले लोग फंस गए और लोगों ने अपने कमाई से बचत से और कई लोगों ने नौकरी के रिटायरमेंट होने के बाद जो पैसा मिला उसे तक जमा करा दिया जमा कराने वालों की संख्या बहुत ज्यादा मात्रा में है कुछ लोगों का कहना है की ₹10000 से लेकर 1000000 रुपए तक जमा कराए थे लेकिन अंत में लोगों को धोखाधड़ी का सामना करना पड़ा कई लोग सदमे से उबर नहीं पाए।प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि पैसा रिटर्न होगा इसलिए बीच-बीच में कई बार जनता से आवेदन लिए गए लेकिन हाथ में निराशा ही आई।फिर एक बार सरकार का आदेश था की 6 अगस्त तक तहसील में आवेदन करें इस बीच लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और सोशल डिस्टेंस को भूल गए कई लोग मास्क भी नहीं लगाए हुए नजर आए। फॉर्म जमा करने के होड़ में कोरोना को निमंत्रण तो नहीं दे रहे हैं जबकि प्रशासन की ओर से कोई भी सुविधा नहीं दिख रही है।
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कोरबा-:निजी कंपनी में डूबा हुआ पैसा वापस मिलने की उम्मीद
कोरबा-: बीते वर्षों में साईं प्रसाद एक कंपनी हुआ करता था जिसके तहत गांवों एवं शहरों के लोगों को एजेंट के द्वारा जोड़ा जा रहा था एवं पैसा जमा कराया जा रहा था यह कहकर कि पैसा दोगुना मिलेगा जिसमें आम जनता गरीब भोले-भाले लोग फंस गए और लोगों ने अपने कमाई से बचत से और कई लोगों ने नौकरी के रिटायरमेंट होने
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