Monday, 14 September 2026 | 6:21 PM
Entertainment

रागिनी खन्ना कौन हैं जानिए, पिछले काफी समय से छोटे परदे से क्यों दूर हैं?

एक्ट्रेस रागिनी खन्ना पिछले काफी समय से छोटे परदे से दूर हैं। तकरीबन 12 साल पहले वो फिक्शन शो 'ससुराल गेंदा फूल' में बतौर लीड एक्ट्रेस नजर आई थीं। अपने चुलबुले अंदाज से रागिनी ने घर-घर में अपनी जगह बनाई थी। इसके बावजूद, बीते काफी समय से वह किसी फिक्शन शो में नजर नहीं आईं। साल 2016 में वो आखरी बार रि
Share:
रागिनी खन्ना कौन हैं जानिए, पिछले काफी समय से छोटे परदे से क्यों दूर हैं?
Read in your preferred language.

एक्ट्रेस रागिनी खन्ना पिछले काफी समय से छोटे परदे से दूर हैं। तकरीबन 12 साल पहले वो फिक्शन शो 'ससुराल गेंदा फूल' में बतौर लीड एक्ट्रेस नजर आई थीं। अपने चुलबुले अंदाज से रागिनी ने घर-घर में अपनी जगह बनाई थी। इसके बावजूद, बीते काफी समय से वह किसी फिक्शन शो में नजर नहीं आईं। साल 2016 में वो आखरी बार रियलिटी शो 'कॉमेडी नाइट्स लाइव' में नजर आई थीं।
इन दिनों, रागिनी अपने सोशल मीडिया पर खुद के बनाए कंटेंट पर काम कर रही हैं। इतना ही नहीं, वो अपनी मां कामिनी खन्ना के सपनों को पूरा करने की राह पर भी निकल पड़ी हैं। एक्ट्रेस की मानें तो किसी और के विजन की बजाए खुद के विजन पर काम करना काफी संतोषजनक है।
रागिनी लंबे समय तक सिंगल रही हैं। एक वक्त था जब उन्हें रिलेशनशिप में कमिटमेंट से डर था। लेकिन अब वो अपना घर बसाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। इस हफ्ते 'स्टार टॉक्स' में रागिनी खन्ना ने हमसे अपनी जिंदगी से जुड़े कई खुलासे किए।
'सोशल मीडिया पर मैं जिस तरह का काम कर रही हूं उसमें बहुत मजा आ रहा है। बहुत ज्यादा सीख रही हूं। पहले मैं हमेशा दूसरे के विजन पर काम करती थी। अब मैं अपने और अपनी मां के विजन पर चल रही हूं। अब फोर-फ्रंट में रहकर आइडिएशन पर काम होता है। खुद का कंटेंट क्रिएट करने में ज्यादा मजा आता है।
जब मैं टेलीविजन पर काम कर रही थी, तब मैं सोशल मीडिया से बहुत अट्रैक्टेड थी लेकिन, उस वक्त टीवी पर मैं बहुत ज्यादा दिखती थी। मुझे लगता था कि सोशल मीडिया पर आई तो ओवरडोज हो जाएगा। टीवी से ब्रेक लेकर मैंने वर्ल्ड सिनेमा सीखना शुरू कर दिया। मैंने एक्टिंग वर्कशॉप ली।
'गुडगांव', 'पोषम पा', 'घूमकेतु', 'भाई इन प्रॉब्लम' जैसी फिल्मों का हिस्सा बनकर सिनेमा को एक्सप्लोर किया। मैं हमेशा टीवी की शुक्रगुजार रहूंगी लेकिन अब मुझे कुछ नया करना है। मेरी मम्मी सिंगर हैं। उनकी बहुत सारी ख्वाहिशें थीं। मुझे लगा कि क्यों ना मम्मी को नर्चर करने में जुट जाऊं? मैं और मम्मी वो कर रहे हैं जो हमें कभी करने का मौका नहीं मिला।'
दरअसल, मैं सिंगर बनना चाहती थी। अपनी मां और नानी, श्री निर्मला देवी जोकि एक पॉपुलर क्लासिकल सिंगर थी, उनकी राह पर चलने की ख्वाहिश थी। लेकिन, मुझे मम्मी से म्यूजिक डायरेक्टर्स को कॉल लगवाने में शर्म आती थी। मुझे अपनी मां या नानी से तुलना होने का बहुत डर लगता था। मैं शुरू से ही थोड़ी अंडर-कॉन्फिडेंट रही हूं।
जब मैंने अपने भाई अमित को एक्टिंग के लिए ऑडिशन देते हुए देखा तो सोचा इस फील्ड में अपनी किस्मत आजमाती हूं। ऑडिशन में लोगों को पता भी नहीं चलेगा। मैं थोड़े बहुत पैसे कमा के निकल जाऊंगी। ऑडिशन देना शुरू किया। कई एड मिले। कुछ महीनों बाद, पहला टीवी शो- 'राधा की बेटियां' ऑफर हुआ। उसके बाद, कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। लेकिन हां, सिंगिंग का शौक आज भी रखती हूं। हर दिन, रियाज करती हूं।
बतौर एक्टर, सबसे चैलेंजिंग एस्पेक्ट है कि आप दूसरों के ओपिनियन और कमेंट्स से कितने अप्रभावित रहते हो। हम एक पब्लिक फिगर हैं। सच्चाई ये है कि जिस पब्लिक ने आपको बनाया, वही आपको खत्म भी कर सकती है। मेरी लाइफ में भी ऐसे कई मोड़ आए जहां लोगों ने मुझे गिराने की कोशिश की पर मैंने हार नहीं मानी।
मैंने आज तक किसी प्रोड्यूसर से नहीं सुना कि रागिनी मेरा बजट बहुत है, जितना चाहे उतना पैसे मांग लो। कोई आपको आपकी काबिलियत के हिसाब से पैसा नहीं देता। डायरेक्टर, प्रोड्यूसर, चैनल- हर कोई अपना काम कर रहा है। कई बार तो सेट पर दूसरों की पर्सनल फ्रस्ट्रेशन हमें झेलनी पड़ती थी। ये बहुत बड़ा इश्यू है।
हर दूसरा आदमी आपसे बोलेंगा कि तुम अपने आप को समझती क्या हो? या तुमने किया क्या है? तुम मेरी हो कौन? ये सब मैंने भी झेला है। लोग डायरेक्टली नहीं बोलेंगे लेकिन उनके बर्ताव में नजर आ जाएगा।
मैंने भी अपने करियर में बहुत ठोकरें खाई हैं। मैं एक दिन में आठ ऑडिशन दिया करती थी। एक हफ्ते में 50 ऑडिशन देती थी जिसमें तीन से चार में शॉर्टलिस्ट होती थी। फिर उनमें से आपको एक काम मिलता या वो भी नहीं। कभी जैसे तैसे काम मिल जाए तो उसके बाद एक अलग स्ट्रगल शुरू।
डेली शो में काम करना आसान नहीं। बतौर एक्टर, आप इमोशनली ड्रेन्ड हो जाते हो। स्क्रीन पर अच्छा दिखने का अपना प्रेशर होता है। एक वक्त ऐसा आया जब मुझे एक जैसा काम ऑफर किया जाता था। काम की जरूरत भी थी लेकिन उन ऑफर्स को मना करने में घबराहट होती थी।
उस वक्त सोचती थी की मैं अच्छे काम के लिए इतनी मेहनत कर रही हूं लेकिन जिस तरह का काम मिल रहा था वो बिलकुल अच्छे नहीं थे। ये अलग ही लेवल का ट्रॉमा था। एक-दो बार तो रो भी दी थी। लेकिन फिर मुझे आदत पड़ गई। अब मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।
ऐसा नहीं कि मुझे पैसों की जरूरत नहीं। अगर काम नहीं करूंगी तो पैसा कहां से आएगा? जब शुरू किया, तब बस और ऑटो रिक्शा में स्ट्रगल किया करती थी। आज गाड़ी में स्ट्रगल कर रही हूं। मेरा लक्ष्य सिर्फ अच्छा और अलग काम करने का है और हमेशा रहेगा।
दूसरे मेरे वजन को लेकर क्या कहते हैं, मुझे फर्क नहीं पड़ता। सच कहूं तो मैं खुद ही अपने आपको सबसे ज्यादा बॉडी शेम करती हूं। अब तो मैं बहुत मोटी हो गई हूं। पिछले कुछ महीनों में मैंने खूब खाया है। मुझे चॉकलेट खाना बेहद पसंद है। मेरे खाने पर मेरी मां की नजर हमेशा रहती है। जब भी किचन में जाती हूं, मां का एक लुक आता है कि क्या खा रही हो? हालांकि, अब मैंने अपने खाने-पीने में कंट्रोल लाया है। जल्द ही अपने ओरिजिनल डाइट पे जाउंगी। एक्सरसाइज करना भी शुरू करूंगी।
फिल्म 'पोषम पा' में मैंने एक सीरियल किलर का किरदार निभाया था। वो बहुत ही डार्क करैक्टर था। मैंने उस फिल्म को एन्जॉय किया। दुर्भाग्यवश मुझे और भी ज्यादा डार्क और ज्यादा घिनौने किरदार ऑफर होने लगे। मुझे अपने आप से ही घबराहट होने लग गई। इस घबराहट को दूर करने के लिए, मैंने बच्चों के नर्सरी राइम्स पर काम करना शुरू किया। मैं अपने अंदर फिर से वो स्वीटनेस और वो पॉजिटिविटी लाना चाहती थी।
हां, मुझे भी प्यार हुआ था लेकिन उस वक्त मुझे कमिटमेंट इश्यूज थे। उस वक्त मैं शादी को लेकर सीरियस नहीं थी। मैं दिन-रात काम करती थी, मेरे पास किसी की फैमिली अरेंज करने का वक्त ही नहीं था। मैं सामने वाले को कभी अंधेरे में नहीं रखती। रिलेशनशिप में, मेरी तरफ से सामने वाले को हमेशा ही क्लीयर पिक्चर मिली है। मैं अपना पक्ष हमेशा क्लियर रखती हूं। कोई मेरे साथ हो या ना हो। आपकी चॉइस है और आपकी चॉइस सर माथे पर। मैं स्ट्रैट फॉरवर्ड महिला हूं।
अब मेरी प्रायोरिटी बिल्कुल बदल गई है। अब मैं शादी के लिए लड़कों से मिल रही हूं। मेरी मां मुझसे हर दिन लड़के से मिलने के लिए फोर्स करती है। मैं उनकी बात मानती भी हूं। मैं कभी सिंगलहुड या सिंगल क्लब को प्रमोट नहीं करूंगी। मुझे प्यार और शादी पर बहुत भरोसा है। मेरे लिए कोई रिलेशनशिप टेम्पररी नहीं होता। उसका दर्जा उतना ही है जितना शादी का होता है। मैं ऐसा पार्टनर चाहती हूं जो मेरे वर्क आउट से लेकर मेरे बच्चों तक, ट्रैवलिंग से लेकर फैमिली तक… हर चीज में मेरा सपोर्ट करे। इंतजार है उस पल का जब मैं सामने से अपनी मां को उनके दामाद से मिलाउं। अभी तक ऐसा कोई बंदा ही नहीं आया।
स्टेज पर लाइव दुल्हन मेकअप करने का अनुभव बहुत शानदार रहा। मैंने अब तक 25 से ज्यादा ऐसे शो किए हैं जहां स्टेज पर मेरा लाइव दुल्हन मेकअप किया गया। मेरा पहला शो था इंदौर में सवेरा मेकअप अकेडमी के साथ। 800 लोगों के सामने मेरा मेकअप हुआ। पता नहीं अपनी असली शादी में क्या पहनूंगी, कैसी दिखूंगी।

खबरें और भी हैं…