Monday, 14 September 2026 | 6:19 PM
India

कर्नाटक: जेडीएस नेता कुमारस्वामी ने कृषि कानूनों का किया समर्थन

कृषि कानूनों को लेकर भाजपा का जहां अपने ही कुछ साथी दलों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है, वहीं विपक्षी खेमे के जनता दल-सेक्युलर (जेडीएस) ने इसका समर्थन किया है। जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने किसानों से कहा कि उन्हें खुली सोच के साथ नए कृषि कानूनों के साथ प्रयोग करना चाहिए। कुमारस्वामी ने प्रधानम
Share:
कर्नाटक: जेडीएस नेता कुमारस्वामी ने कृषि कानूनों का किया समर्थन
Read in your preferred language.

कृषि कानूनों को लेकर भाजपा का जहां अपने ही कुछ साथी दलों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है, वहीं विपक्षी खेमे के जनता दल-सेक्युलर (जेडीएस) ने इसका समर्थन किया है। जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने किसानों से कहा कि उन्हें खुली सोच के साथ नए कृषि कानूनों के साथ प्रयोग करना चाहिए। कुमारस्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस गतिरोध को खत्म कराने की अपील की।

उन्होंने कहा कि किसानों के आंदोलन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने इसके लिए केंद्र और किसानों के बीच उचित समन्वयन की बात भी कही। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कहा कि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान से गतिरोध दूर होने की नई उम्मीद जगी है।
राजनाथ सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे प्रयोग के तौर पर नए कृषि कानूनों को लागू करने की अनुमति दें। उन्होंने यह भरोसा भी दिलाया है कि अगर कानूनों से किसानों का नुकसान होता है तो उसे वापस ले लिया जाएगा। कुमारस्वामी ने कहा कि किसानों को इस पर खुले मन से विचार करना चाहिए।

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

-क्यों न्यूज़ मीडिया संकट में है और कैसे आप इसे संभाल सकते हैं
-आप ये इसलिए पढ़ रहे हैं क्योंकि आप अच्छी, समझदार और निष्पक्ष पत्रकारिता की कद्र करते हैं. इस विश्वास के लिए हमारा शुक्रिया.

-आप ये भी जानते हैं कि न्यूज़ मीडिया के सामने एक अभूतपूर्व संकट आ खड़ा हुआ है. आप मीडिया में भारी सैलेरी कट और छटनी की खबरों से भी वाकिफ होंगे. मीडिया के चरमराने के पीछे कई कारण हैं. पर एक बड़ा कारण ये है कि अच्छे पाठक बढ़िया पत्रकारिता की ठीक कीमत नहीं समझ रहे हैं.

-द दस्तक 24 अच्छे पत्रकारों में विश्वास करता है. उनकी मेहनत का सही मान भी रखता है. और आपने देखा होगा कि हम अपने पत्रकारों को कहानी तक पहुंचाने में जितना बन पड़े खर्च करने से नहीं हिचकते. इस सब पर बड़ा खर्च आता है. हमारे लिए इस अच्छी क्वॉलिटी की पत्रकारिता को जारी रखने का एक ही ज़रिया है– आप जैसे प्रबुद्ध पाठक इसे पढ़ने के लिए थोड़ा सा दिल खोलें और मामूली सा बटुआ भी.

अगर आपको लगता है कि एक निष्पक्ष, स्वतंत्र, साहसी और सवाल पूछती पत्रकारिता के लिए हम आपके सहयोग के हकदार हैं तो नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करें और हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें . आपका प्यार द दस्तक 24 के भविष्य को तय करेगा.
https://www.youtube.com/channel/UC4xxebvaN1ctk4KYJQVUL8g

आदर्श कुमार

संस्थापक और एडिटर-इन-चीफ