Monday, 14 September 2026 | 6:25 PM
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अगर वहां सिक्योरिटी मौजूद थी तो प्रदर्शनकारी मिशन की बिल्डिंग तक कैसे पहुंचे? : विदेश मंत्रालय

कनाडा में इंडियन कॉन्स्यूलेट के बाहर खालिस्तानी समर्थकों के प्रदर्शन पर भारत सरकार ने नई दिल्ली में मौजूद कनाडाई हाई कमिशनर को तलब किया। विदेश मंत्रालय ने उनसे पूछा- अगर वहां सिक्योरिटी मौजूद थी तो प्रदर्शनकारी मिशन की बिल्डिंग तक कैसे पहुंचे? इस लापरवाही पर भारत को सख्त ऐतराज है। विदेश मंत्रालय के
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अगर वहां सिक्योरिटी मौजूद थी तो प्रदर्शनकारी मिशन की बिल्डिंग तक कैसे पहुंचे? : विदेश मंत्रालय
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कनाडा में इंडियन कॉन्स्यूलेट के बाहर खालिस्तानी समर्थकों के प्रदर्शन पर भारत सरकार ने नई दिल्ली में मौजूद कनाडाई हाई कमिशनर को तलब किया। विदेश मंत्रालय ने उनसे पूछा- अगर वहां सिक्योरिटी मौजूद थी तो प्रदर्शनकारी मिशन की बिल्डिंग तक कैसे पहुंचे? इस लापरवाही पर भारत को सख्त ऐतराज है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा- भारत सरकार ने कनाडा से जवाब मांगा है। हमने पूछा है कि पुलिस के मौजूद होते हुए भी खालिस्तानी समर्थक हमारे डिप्लोमैटिक मिशन और कॉन्स्यूलेट तक कैसे पहुंच गए। हमें उम्मीद है कि कनाडा सरकार हमारे डिप्लोमैट्स और मिशन की सुरक्षा को लेकर जरूरी कदम उठाएगी।
बागची ने कहा- हमने कनाडा की सरकार को वियना कन्वेंशन के तहत उनकी जिम्मेदारियां याद दिलाई हैं। हमने उन्हें ऐसे व्यक्तियों को गिरफ्तार करने और उन पर मुकदमा चलाने को कहा है जो पहले से ही ऐसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। उम्मीद है कि कनाडा सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाएगी।
दरअसल, 19 मार्च को कनाडा में खालिस्तानी समर्थकों ने भारतीय मिशन के बाहर प्रदर्शन किया था। इसकी वजह से भारतीय हाई कमीशन को अपना एक इवेंट कैंसिल करना पड़ा था। यह कार्यक्रम सरे में ताज पार्क कन्वेंशन सेंटर में कनाडा में भारतीय दूत संजय कुमार वर्मा को सम्मानित करने के लिए आयोजित किया जा रहा था। प्रदर्शन के दौरान खालिस्तानी समर्थकों ने एक भारतीय मूल के पत्रकार पर भी हमला किया था।
वहीं शनिवार को भी वॉशिंगटन में खालिस्तानी समर्थकों का प्रदर्शन कवर कर रहे एक भारतीय जर्नलिस्ट ललित झा के साथ बदतमीजी की गई। झा ने ट्विटर पर पूरी घटना का विडियो भी शेयर किया, जिसमें खालिस्तानी समर्थक भारत सरकार को गाली देते नजर आ रहे हैं। झा ने बताया कि खालिस्तान समर्थकों ने उनके बाएं कान पर दो छड़ी भी मारीं।
इससे पहले शनिवार को कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने कहा था- हम पंजाब के घटनाक्रम पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। हाउस ऑफ कॉमन्स में एक सवाल का जवाब देते हुए मेलानी के कहा- हमें उम्मीद है कि जल्दी ही सब सामान्य हो जाएगा। कनाडा सरकार हमेशा अपने नागरिकों और हर समुदाय के हितों के लिए काम करती रहेगी।

खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह के खिलाफ पंजाब पुलिस कार्रवाई कर रही है। 19 मार्च को इसका विरोध लंदन में मौजूद कुछ खालिस्तान समर्थकों ने किया। खालिस्तानी लंदन में भारतीय हाई कमीशन पहुंचे। पहले तोड़फोड़ की और बाद में यहां लगा तिरंगा उतार दिया।
भारत ने इस पर सख्त एतराज जताया। दिल्ली में ब्रिटिश हाई कमिश्नर को तलब किया गया। इस बीच, हाई कमीशन पर अब पहले से ज्यादा बड़ा तिरंगा लगा दिया गया।
लंदन में भारत के हाई कमीशन पहुंचे लोगों के हाथ में खालिस्तानी झंडा और अमृतपाल सिंह के पोस्टर थे। पोस्टर्स पर लिखा, 'फ्री अमृतपाल सिंह' (अमृतपाल सिंह को आजाद करो), 'वी वॉन्ट जस्टिस' (हमें न्याय चाहिए) और 'वी स्टैंड विथ अमृतपाल सिंह' (हम अमृतपाल के साथ हैं)।
इंडियन डिप्लोमैट्स ने हमले के कुछ ही देर बाद पहले से ज्यादा बड़ा तिरंगा हाई कमीशन पर लगा दिया था।
लंदन स्थित भारतीय हाई कमीशन के बाहर तिरंगे का अपमान करने वाले खालिस्तानी समर्थक अवतार सिंह खंडा को ब्रिटेन में गिरफ्तार कर लिया गया। खंडा प्रतिबंधित ग्रुप बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) का सदस्य है। वहीं पंजाब में चल रही जांच में भी सामने आ रहा है कि खंडा ही अमृतपाल का हैंडलर है। रविवार को अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में इंडियन कॉन्स्यूलेट के बाहर प्रदर्शन करते खालिस्तान समर्थक।
US में भी इंडियन कॉन्स्यूलेट पर हमला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लंदन के बाद अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में भी इंडियन कॉन्स्यूलेट पर हमला किया गया था। 19 मार्च को यहां भी खालिस्तान समर्थक जुटे। इन लोगों ने स्प्रे पेंट्स से अमृतपाल को रिहा करो.. लिख दिया। इन लोगों ने कॉन्स्यूलेट के गेट तोड़ दिए। वहां खालिस्तान के झंडे लगा दिए। भारतीय अमेरिकियों ने हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
इससे पहले 22 मार्च को लंदन में इंडियन हाई कमीशन के बाहर फिर 2 हजार से ज्यादा खालिस्तान समर्थकों ने प्रदर्शन किया था। हालांकि, इस बार लंदन की मेट्रो पुलिस ने यहां सिक्योरिटी के सख्त इंतजाम किए थे। इंडियन हाई-कमीशन की इमारत पर बुधवार को पहले से बड़ा तिरंगा फहराया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बिल्डिंग से कुछ दूरी पर रोक दिया।
पिछले हमले के बाद लंदन में हाई-कमीशन के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई। ब्रिटिश विदेश मंत्री ने भरोसा जताया था कि वे उच्चायोग की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएंगे। ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवर्ली ने कहा था- लंदन में इंडियन हाई-कमीशन के स्टाफ पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जांएगे। हम लंदन में इंडियन हाई-कमीशन और नई दिल्ली में भारत सरकार के संपर्क में हैं। हम इंडियन हाई-कमीशन में सुरक्षा की समीक्षा कर रहे हैं। यहां मौजूद स्टाफ की सुरक्षा के लिए जरूरी बदलाव किए जाएंगे।
जयशंकर बोले- ब्रिटेन ने जिम्मेदारी नहीं निभाई:हाई कमीशन तोड़फोड़ पर विदेश मंत्रालय ने कहा- आश्वासन नहीं एक्शन चाहिए; सैन फ्रांसिस्को में भारतीयों की रैली
लंदन में रविवार को इंडियन हाई कमीशन पर खालिस्तानियों के हमले के बाद तस्वीर का दूसरा पहलू दिखा। मंगलवार को सैकड़ों भारतीय नागरिक (सिख भी शामिल) इंडियन हाई कमीशन के बाहर जुटे और भारत के साथ एकजुटता का संदेश दिया। इस दौरान भारत माता की जय और जय हिंद के नारे गूंजते रहे। प्रदर्शन कर रहे लोग भारतीय फिल्म स्लमडॉग मिलेनियर के ऑस्कर विनिंग सॉन्ग ‘जय हो’ पर झूमते दिखे।