Monday, 14 September 2026 | 7:34 PM
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हरदोई -रूपापुर चीनी मिल छोटे किसानों के साथ कर रहा सौतेला व्यवहार

हरदोई - जनपद की विधानसभा सवायजपुर के विकासखंड भरखनी में स्थित डीसीएम शुगर मिल रूपापुर में कई दशकों से छोटे बड़े किसान गन्ने की फसल करते आ रहे हैं लेकिन इस वर्ष छोटे किसानों का गन्ना न ही करने से मोह भंग होता जा रहा है. हर गांव गली चौराहों पर छोटे किसान गन्ना नहीं करने की बात कर रहे हैं. कई गांव के क
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हरदोई -रूपापुर चीनी मिल छोटे किसानों के साथ कर रहा सौतेला व्यवहार
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हरदोई - जनपद की विधानसभा सवायजपुर के विकासखंड भरखनी में स्थित डीसीएम शुगर मिल रूपापुर में कई दशकों से छोटे बड़े किसान गन्ने की फसल करते आ रहे हैं लेकिन इस वर्ष छोटे किसानों का गन्ना न ही करने से मोह भंग होता जा रहा है. हर गांव गली चौराहों पर छोटे किसान गन्ना नहीं करने की बात कर रहे हैं. कई गांव के किसानों से गन्ना न करने की बात की जानकारी ली गई तो उन्होंने गन्ना सर्वे ठीक न करने की बात कही. छोटे किसान चाहते हैं कि उनके पेड़ी गन्ने की पर्ची समय से मिल जाए तो उनके खेत में गेहूं की फसल हो जाए ,जिससे उनकी आजीविका चलती रहे. छोटे किसानों को पेड़ी की पर्ची के लिए फरवरी मार्च का इंतजार करना पड़ता है और छोटे किसान यह भी बता रहे हैं कि एक बीघा में अधिकतम ₹20000 का गन्ना किया जा सकता है. जबकि 1 वर्ष में तीन फसल जैसे गेहूं,धान व पिपरमेंट की खेती करके एक बीघे में 30से 35 हजार रुपए की फसल उगाई जा सकती है. गन्ने की फसल की वजह से जंगली शुअर व आवारा गोवंश भी बहुत अधिक संख्या में हो गए हैं जिससे किसान अपनी अन्य फसलों को भी नहीं बचा पा रहे हैं.