भारत के पूर्व मिडफील्डर रेनेडी सिंह कोविड-19 महामारी के खिलाफ अपने घरेलू राज्य मणिपुर की जंग में मदद कर रहे हैं और आक्सीजन सिलेंडर का इंतजाम करने में व्यस्त हैं. इस फुटबॉलर को मुश्किल समय में टीम की मदद करने की उनकी क्षमता के लिए जाना जाता था और भारत के लिए आखिरी बार खेलने के लगभग एक दशक बाद भी उनकी यह आदत नहीं बदली है.
अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने रेनेडी के हवाले से कहा, ''यह सभी के लिए मुश्किल समय है. हमारे अग्रिम पंक्ति के कर्मचारी बिना थके लगातार काम कर रहे हैं. इस समय हमें आगे बढ़कर जिस तरह भी संभव हो उनकी मदद करनी चाहिए.''
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भारतीय फुटबॉल टीम के इस पूर्व कप्तान ने कहा, ''हमारे विभिन्न क्षेत्रों के मित्र हैं जैसे चिकित्सक, पुलिस अधिकारी, आईएएस अधिकारी, व्यवसायी- सभी मदद कर रहे हैं.'' WTC Final: न्यूजीलैंड को कोहली, रोहित या पुजारा से खतरा नहीं, टीम भारत के युवा बल्लेबाज से डरी
उन्होंने कहा, ''विदेशों में मौजूद मणिपुर के लोगों के साथ मणिपुर और पूरे देश के लोग आगे बढ़कर जैसे भी संभव हो योगदान दे रहे हैं. हम आक्सीजन सिलेंडर खरीदने का प्रयास कर रहे हैं और उन्हें सौंप रहे हैं जिन्हें इसकी जरूरत है, विशेषकर अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों को.''
पूर्वोत्तर राज्यों में स्थिति काफी अच्छी नहीं है और यहां मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है. राज्य की भौगोलिक स्थिति से भी मुश्किलें बढ़ रही हैं.
रेनेडी ने कहा, ''महामारी के कारण मणिपुर अन्य स्थानों से थोड़ा कट गया है. हमारी सरकार अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रही है लेकिन सभी चीजों में समय लगता है. हमारे पास राज्य में तीन आक्सीजन प्लांट हैं लेकिन उनकी क्षमता काफी अधिक नहीं है. अस्पताल आक्सीजन की सुविधा वाले बेड में इजाफा करने में भी सक्षम नहीं हैं.''
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पूर्व मिडफील्डर रेनेडी सिंह मणिपुर में कोविड पीड़ितों की कर रहे हैं मदद
भारत के पूर्व मिडफील्डर रेनेडी सिंह कोविड-19 महामारी के खिलाफ अपने घरेलू राज्य मणिपुर की जंग में मदद कर रहे हैं और आक्सीजन सिलेंडर का इंतजाम करने में व्यस्त हैं. इस फुटबॉलर को मुश्किल समय में टीम की मदद करने की उनकी क्षमता के लिए जाना जाता था और भारत के लिए आखिरी बार खेलने के लगभग एक दशक बाद भी उनकी
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