Monday, 14 September 2026 | 6:59 PM
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फर्रुखाबाद: में 11 हजार वोल्ट लाइन के सात खंभे एक साथ गिरे, बड़ा हादसा टला; NEET परीक्षा देने जा रही छात्रा बाल-बाल बची

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 21 जून 2026 जनपद के थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के ग्राम पचपुखरा स्थित मुरहास रोड पर रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां मटर फैक्ट्री की 11 हजार वोल्ट विद्युत लाइन के करीब सात बिजली के खंभे अचानक एक के बाद एक भरभराकर गिर पड़े। हादसे में एक मोटरसाइकिल पूरी तरह क्षत
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फर्रुखाबाद: में 11 हजार वोल्ट लाइन के सात खंभे एक साथ गिरे, बड़ा हादसा टला; NEET परीक्षा देने जा रही छात्रा बाल-बाल बची
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 21 जून 2026 जनपद के थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के ग्राम पचपुखरा स्थित मुरहास रोड पर रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां मटर फैक्ट्री की 11 हजार वोल्ट विद्युत लाइन के करीब सात बिजली के खंभे अचानक एक के बाद एक भरभराकर गिर पड़े। हादसे में एक मोटरसाइकिल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि दो कारों को भी नुकसान पहुंचा। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना रविवार दोपहर करीब 11 बजे की है। अचानक बिजली के खंभों के गिरने से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। एक हुंडई वरना कार, एक हुंडई क्रेटा कार और एक मोटरसाइकिल इसकी चपेट में आ गईं। वहीं, एक ई-रिक्शा भी हादसे का शिकार होते-होते बच गया। ई-रिक्शा में सवार लोगों को मामूली चोटें आईं, लेकिन किसी को गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा।

घटना के समय एक छात्रा अपने परिजनों के साथ मैनपुरी में आयोजित NEET परीक्षा देने जा रही थी। दोपहर 2 बजे से होने वाली परीक्षा के लिए जाते समय उसकी कार के पास ही बिजली का खंभा गिर गया। हालांकि, छात्रा और उसके परिजन सुरक्षित रहे। ग्रामीणों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल वैकल्पिक मार्ग से वाहन को निकालकर छात्रा को समय पर परीक्षा केंद्र के लिए रवाना कराया।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली के खंभे गिरने के लगभग आधे घंटे बाद तक लाइन में करंट दौड़ता रहा, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। बाद में विद्युत विभाग के अधिकारियों को सूचना देकर बिजली आपूर्ति बंद कराई गई।

ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि 11 हजार वोल्ट की यह लाइन काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी है। उनका कहना है कि खंभों की गुणवत्ता भी बेहद खराब है और इनमें कमजोर सरिया का प्रयोग किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, इस संबंध में कई बार शिकायतें भी की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना के दौरान करीब 10 वर्षीय एक बच्ची साइकिल चला रही थी, जो खंभों की चपेट में आने से बाल-बाल बच गई। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यदि मौके पर खड़े एक ट्रैक्टर ने एक खंभे को सहारा न दिया होता, तो संभवतः सभी खंभे गांव की ओर गिर जाते और हादसा कहीं अधिक भयावह हो सकता था।

ग्रामीणों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए 11 हजार वोल्ट की इस लाइन को अंडरग्राउंड किए जाने की मांग की है। फिलहाल, समाचार लिखे जाने तक विद्युत विभाग अथवा प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। घटना की जांच और क्षति के आकलन की कार्रवाई जारी है।