Monday, 14 September 2026 | 5:38 PM
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फर्रुखाबाद:ऑपरेशन कनविक्शन व मिशन शक्ति 5.0 के तहत बड़ी सफलता: दुष्कर्म व एससी/एसटी एक्ट मामले में तीन अभियुक्तों को 10-10 वर्ष की सजा

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 18 मार्च 2026 उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” एवं “मिशन शक्ति 5.0” अभियान के तहत फर्रुखाबाद पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। महिला संबंधी गंभीर अपराध में प्रभावी पैरवी करते हुए न्यायालय द्वारा तीन अ
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फर्रुखाबाद:ऑपरेशन कनविक्शन व मिशन शक्ति 5.0 के तहत बड़ी सफलता: दुष्कर्म व एससी/एसटी एक्ट मामले में तीन अभियुक्तों को 10-10 वर्ष की सजा
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 18 मार्च 2026 उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” एवं “मिशन शक्ति 5.0” अभियान के तहत फर्रुखाबाद पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। महिला संबंधी गंभीर अपराध में प्रभावी पैरवी करते हुए न्यायालय द्वारा तीन अभियुक्तों को कठोर सजा सुनाई गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना नवाबगंज जनपद फर्रुखाबाद में पंजीकृत मु0अ0सं0 263/2014, वाद संख्या 36/2015, धारा 323, 376, 452, 506 भा0द0वि0 एवं 3(2)V एससी/एसटी एक्ट से संबंधित प्रकरण में अभियुक्त नरवीर, नरेन्द्र एवं अवधेश के विरुद्ध विवेचना पूर्ण कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।

इस मामले में फतेहगढ़ पुलिस टीम, मॉनिटरिंग सेल एवं अभियोजन पक्ष द्वारा निरंतर सशक्त पैरवी की गई। कोर्ट पैरोकार और संबंधित अधिकारियों के समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप दिनांक 18 मार्च 2026 को माननीय न्यायालय एडीजे द्वितीय (एससी/एसटी एक्ट) फर्रुखाबाद ने तीनों अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास तथा 1 लाख 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

इस सफलता में एडीजीसी श्री कृष्णकुमार पाण्डेय एवं श्री अनुज कटियार की विशेष भूमिका रही। साथ ही कोर्ट मोहर्रिर प्रमोद कुमार तथा पैरोकार कृष्णवीर सिंह द्वारा भी प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की गई।

पुलिस विभाग के अधिकारियों ने बताया कि “ऑपरेशन कनविक्शन” का मुख्य उद्देश्य महिला अपराधों में शीघ्र एवं प्रभावी न्याय दिलाना है, जिससे अपराधियों में कानून का भय स्थापित हो और समाज में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

यह निर्णय न केवल पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज में यह स्पष्ट संदेश भी देता है कि महिला अपराधों में दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।