Monday, 14 September 2026 | 6:59 PM
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फर्रुखाबाद:लखनऊ अग्निकांड के बाद जिले में जांच अभियान तेज, अंडरग्राउंड जिम सील करने के निर्देश

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 25 जून 2026 लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद जनपद फर्रुखाबाद में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। व्यावसायिक भवनों, अस्पतालों, नर्सिंग होम, जिम, रेस्टोरेंट और मैरिज होम की जांच का अभियान लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। गुरुवार को सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार के नेतृत्व
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फर्रुखाबाद:लखनऊ अग्निकांड के बाद जिले में जांच अभियान तेज, अंडरग्राउंड जिम सील करने के निर्देश
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 25 जून 2026 लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद जनपद फर्रुखाबाद में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। व्यावसायिक भवनों, अस्पतालों, नर्सिंग होम, जिम, रेस्टोरेंट और मैरिज होम की जांच का अभियान लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। गुरुवार को सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं और भवन मानकों की जांच की।

निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में गंभीर खामियां सामने आईं। कई प्रतिष्ठानों के पास दमकल विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं मिली, जबकि कुछ संस्थान बिना स्वीकृत भवन नक्शे के संचालित होते पाए गए। प्रशासन ने सभी संचालकों को सुरक्षा मानकों का पालन करने की सख्त चेतावनी दी है।

जांच के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट सबसे पहले मसेनी रोड स्थित एक अंडरग्राउंड जिम सेंटर पहुंचीं। निरीक्षण में पाया गया कि जिम सीमित स्थान में संचालित हो रहा था तथा उसके पास न तो स्वीकृत भवन नक्शा था और न ही पर्याप्त अग्नि सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध थी। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने जिम को तत्काल सील करने के निर्देश दिए।

इसके बाद टीम ने मसेनी रोड स्थित एक गेस्ट हाउस का निरीक्षण किया। यहां अग्निशमन उपकरण तो लगे मिले, लेकिन मॉक ड्रिल की कोई व्यवस्था नहीं थी। पानी की टंकियों में पर्याप्त पानी नहीं था और फायर अलार्म भी नहीं लगे थे। गेस्ट हाउस प्रबंधन भवन का स्वीकृत नक्शा भी प्रस्तुत नहीं कर सका। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने प्रबंधन को कार्यालय में नक्शा प्रस्तुत करने और सभी सुरक्षा मानकों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान एक नर्सिंग होम के बेसमेंट की भी जांच की गई। प्रबंधन ने बताया कि वहां मरीज भर्ती नहीं किए जाते हैं, लेकिन भवन का नक्शा अस्पताल के नाम पर स्वीकृत नहीं था। अधिकारियों ने अग्निशमन उपकरणों की कार्यक्षमता की जांच करते हुए संचालकों को अस्पताल के नाम से भवन का नक्शा स्वीकृत कराने के निर्देश दिए।

इसके बाद टीम एक अन्य अस्पताल पहुंची, जहां केवल ओपीडी सेवाएं संचालित होने की जानकारी दी गई। अस्पताल के पास दमकल विभाग की एनओसी नहीं थी। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने नाराजगी जताते हुए जल्द से जल्द एनओसी प्राप्त करने के निर्देश दिए।

आवास विकास क्षेत्र में लोहिया अस्पताल के पीछे संचालित एक नर्सिंग होम में भी कई खामियां मिलीं। यहां फायर एनओसी नहीं थी, फायर अलार्म नहीं लगे थे और आग बुझाने के लिए रखी गई पानी की टंकियों में पर्याप्त पानी नहीं मिला। प्रशासन ने संचालकों को तत्काल सुरक्षा मानकों को पूरा करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान एक अल्ट्रासाउंड एवं एमआरआई सेंटर में अंडरग्राउंड में मशीनें संचालित होती मिलीं। अधिकारियों ने वहां भी आवश्यक सुरक्षा मानकों को पूरा करने की चेतावनी दी। वहीं, एक अंडरग्राउंड रेस्टोरेंट में मौजूद मैनेजर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिस पर प्रशासन ने सभी अभिलेख उपलब्ध कराने और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

एक अन्य होटल के निरीक्षण के दौरान उसके अंडरग्राउंड हिस्से में एक निजी कंपनी का कार्यालय संचालित मिलता पाया गया, जहां बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यरत थे। यहां भी सुरक्षा व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।

सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार ने कहा कि सभी संस्थानों को फायर एनओसी प्राप्त करने, भवन का स्वीकृत नक्शा उपलब्ध कराने तथा अग्निशमन उपकरणों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत नक्शे और सुरक्षा मानकों के व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करना गंभीर लापरवाही है। निर्धारित समय में कमियां दूर नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।