Monday, 14 September 2026 | 5:38 PM
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फर्रुखाबाद: डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम से जुड़े केमिस्टों ने दिया हरसंभव सहयोग का भरोसा

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 23 दिसंबर 2025 स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में पॉपुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) एवं केनव्यू के सहयोग से जनपद में संचालित ‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को एक स्थानीय होटल में दवा व्यापारियों एवं केमिस्ट एसोसिएशन के सदस्यों की अभिमु
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फर्रुखाबाद: डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम से जुड़े केमिस्टों ने दिया हरसंभव सहयोग का भरोसा
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 23 दिसंबर 2025 स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में पॉपुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) एवं केनव्यू के सहयोग से जनपद में संचालित ‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को एक स्थानीय होटल में दवा व्यापारियों एवं केमिस्ट एसोसिएशन के सदस्यों की अभिमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में कार्यक्रम की सफलता में केमिस्टों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मेडिकल स्टोर पर आने वाले लोगों को डायरिया के लक्षण, उससे बचाव एवं रोकथाम के उपायों की जानकारी देना तथा आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सक के पास भेजने के लिए प्रेरित करना रहा।

इस अवसर पर पीएसआई इंडिया के प्रतिनिधि अम्बरीष पांडे ने बताया कि ‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम उत्तर प्रदेश के 13 और बिहार के 3 जनपदों में संचालित किया जा रहा है।

 कार्यक्रम का लक्ष्य शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों में डायरिया से होने वाली मृत्यु दर को शून्य करना और सही दस्त प्रबंधन को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में केमिस्टों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे समुदाय के सीधे संपर्क में रहते हैं।

कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए केमिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष रवि शंकर चौहान ने कार्यक्रम को सफल बनाने में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि समाज में आज भी डायरिया को लेकर कई भ्रांतियां मौजूद हैं, जिन्हें दूर करना आवश्यक है। ओआरएस दस्त के दौरान शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है और बच्चों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाता है।

केमिस्ट एसोसिएशन के सचिव मनोज मिश्र ने बताया कि यह भ्रम भी आम है कि दस्त के दौरान बच्चों को ठोस आहार नहीं देना चाहिए, जबकि छह माह से अधिक उम्र के बच्चों को हल्का एवं सुपाच्य भोजन देना जारी रखना चाहिए। समय पर उपचार न मिलने से बच्चे का जीवन खतरे में पड़ सकता है।

कार्यशाला में केमिस्ट अमन रस्तोगी के सवालों का उत्तर देते हुए अम्बरीष पांडे ने बताया कि डायरिया के दौरान भी स्तनपान बंद नहीं करना चाहिए, क्योंकि मां का दूध बच्चे को पोषण और रोगों से लड़ने की ताकत देता है। साथ ही उन्होंने हाथों की स्वच्छता, शुद्ध पेयजल का उपयोग, खुले में शौच से बचाव और साफ-सफाई बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

कार्यक्रम के अंत में केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि शंकर चौहान ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यशाला में कोषाध्यक्ष शिवम रस्तोगी, मोहित चौहान, गौरव सक्सेना, अरविंद पाल, अमरनाथ गुप्ता, दिनेश श्रीवास्तव, पीएसआई इंडिया से अनुपम मिश्र सहित लगभग 30 दवा व्यापारी उपस्थित रहे।